मेहमान खिलाड़ियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण : राज्यवर्द्धन

Daily news network Posted: 2017-10-12 14:43:34 IST Updated: 2017-10-12 14:43:34 IST
मेहमान खिलाड़ियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण : राज्यवर्द्धन
  • असम क्रिकेट संघ और वर्षापाड़ा में नवनिर्मित स्टेडियम में हुए मैंच के लिए लगाई गई राज्य पुलिस के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं ऑस्ट्रेलिया के सीनियर बल्लेबाज़ आरोन फिच ने अपने ट्विटर अकाउंट पर खिड़की के पत्थर से टूटे कांच की फोटो पोस्ट की और स्वीकार किया कि वे डर गए थे।

असम

गुवाहाटी । असम क्रिकेट संघ और वर्षापाड़ा में नवनिर्मित स्टेडियम में हुए मैंच के लिए लगाई गई राज्य पुलिस के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं ऑस्ट्रेलिया के सीनियर बल्लेबाज़ आरोन फिच ने अपने ट्विटर अकाउंट पर खिड़की के पत्थर से टूटे कांच की फोटो पोस्ट की और स्वीकार किया कि वे डर गए थे। 

उन्होंने अपने आधिकास्कि ट्विटर हैंडल पर लिखा, होटल के लिए लौटती टीम की बस की खिड़की पर पत्थर से हुए हमले से  काफी डर गए थे । केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की  और कहा कि मेहमान खिलाडियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है ।


राठौड़ ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया, गुवाहाटी में पत्थर फेंकने की घटना हमारे सुरक्षा उपायों को प्रतिबिंबित नहीं करती । ऑस्ट्रेलियाई  टीम और फीफा सुरक्षा व्यवस्था से पूरी तरह से  संतुष्ट है ।

भारत सुरक्षित मेजबान बना रहेगा । असम क्रिकेट संघ के सचिव प्रदीप बुढागोहाई ने सूचित किया कि यह घटना तब हुईं जब टीम की बस होटल जा रही थी । ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टी- 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में भारत को आठ विकेट से शिकस्त दी । बुढ़ागोहाई ने कहा कि हमने फूलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित करने का हर प्रयास हुआ । यह सब स्टेडियम के निकट भीड़भाड़ वाली सड़क पर नहीं बल्कि टीम के होटल के करीब हुआ ।


में आश्वस्त कर सकता हुं कि भविष्य में दोबारा इस तरह की घटना नहीं होगी । जब ऑस्ट्रेलियाई टीम हैदराबाद के लिए रवाना हुई तो कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी।भारत के सीनियर खिलाई रविचंद्रन अश्विन ने इस घटना की निंदा की है और प्रशंसकों से  और अधिक जिम्मेदारी दिखाने की बात की । 


अश्चिन ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम पर पत्थर फेंकने  की घटना ने हमें गलत चीज के लिए सुर्खियों में ला दिया, हम सभी को जिम्मेदारी दिखानी होगी । हम सभी ऐसा कर सकते हैं । राज्य संघ को  मीडिया बाक्स में कुप्रबंधन के लिए भी पत्रकारों की आलोचनाएं झेलनी पडी ।


उन्हें इंटरनेट जैसी सुविधाओं के लिए परेशानी से  जूझना पडा, लेकिन एसीए पर कोई असर नहीं पडा । मीडिया बॉक्स में इंटरनेट की  सुविधा नहीं थी तथा करीब 250 पत्रकारों के लिए केवल एक टीवी था जबकि शौचालय में बिजली नहीं थी ।