अम्बेडकर के बाद अब कांशीराम पर भाजपा की नजर

Daily news network Posted: 2017-03-18 17:25:05 IST Updated: 2017-03-18 17:25:05 IST
अम्बेडकर के बाद अब कांशीराम पर भाजपा की नजर
  • भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की नजर अब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बाद दलितों के दूसरे आदर्श और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम पर है। उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमण्डल का शपथग्रहण समारोह रविवार को कांशीराम के नाम पर बने विशाल स्मृति उपवन में है।

लखनऊ।

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की नजर अब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बाद दलितों के दूसरे आदर्श और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम पर है। उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमण्डल का शपथग्रहण समारोह रविवार को कांशीराम के नाम पर बने विशाल स्मृति उपवन में है। 

लखनऊ के इस भव्य उपवन का निर्माण बसपा अध्यक्ष मायावती ने अपने 2007 से 2012 के मुख्यमंत्रित्वकाल में कराया था। कांशीराम के नाम पर बने इस उपवन से दलितों का भावनात्मक लगाव है। कांशीराम के जन्मदिन और पुण्यतिथि पर उनके हजारों अनुयायी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने आते हैं। उपवन में उस दिन काफी चहल पहल रहती हैं। 

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार दलितों का एक बड़ा वर्ग कांशीराम को अपना आदर्श मानता है। इस वर्ग का कहना है कि कांशीराम ने उनमें स्वाभिमान की ललक पैदा की और सत्ता के मायने समझाए। इसी वजह से दलितों में राजनीतिक जागरूकता बढी। 

विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने उपवन में शपथग्रहण समारोह रखकर दलितों में पैठ बढाने की कोशिश की है। भाजपा डॉ. अम्बेडकर के अनुयायियों को अपनी ओर खींचने की लगातार कोशिशें जारी कर रखी हैं। लखनऊ के हजरतगंज स्थित उनकी प्रतिमा के आस-पास सफाई करवाकर पार्टी के झंडे लगाए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुसंख्यकों के इस वर्ग से सीधा जुड़ाव स्थापित करने के लिए डॉ. भीमराव अम्बेडकर से जुडे पांच स्थानों को 'पंच तीर्थ' के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसमें डॉ. अम्बेडकर के लंदन स्थित पढाई के कमरे, महू (मध्य प्रदेश) स्थित उनकी जन्मस्थली, निर्वाण स्थली और मुम्बई में स्थित उनका घर शामिल है। 

इन स्थलों को दर्शनीय बनाने के लिए संग्रहालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। डॉ. अम्बेडकर के नाम पर सिक्का भी जारी किया गया है। डिजिटल लेन-देन के लिए 'भीम' एप जारी किया गया है। 14 अप्रैल को डॉ. अम्बेडकर की आगामी जयंती पर बडे आयोजन और एक बड़ी योजना को शुरू करने का संकेत प्रधानमंत्री ने दिया है। 

राजनीतिक मामलों के जानकार राजेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि मोदी और उनकी पार्टी का यह प्रयास राज्य विधानसभा चुनाव परिणामों में भी दिखा। आमतौर पर दलितों की पार्टी मानी जाने वाली बहुजन समाज पार्टी(बसपा) सिकुड गई। राज्य की सत्ता पर चार बार काबिज रहने वाली बसपा को विधानसभा की कुल 403 सीटों में से केवल 19 हासिल हुई। यह दर्शाता है कि डॉ. अम्बेडकर को लेकर मोदी के प्रयास कारगर साबित हुए। इससे उत्साहित भाजपा ने अब कांशीराम पर नजर गड़ा दी है।