मणिपुर के जॉयकुमार ने 10 लाख से शुरु किया था बिजनेस, अब हर साल 15 करोड़ की इनकम

Daily news network Posted: 2017-10-22 17:39:48 IST Updated: 2017-10-22 17:39:48 IST
मणिपुर के जॉयकुमार ने 10 लाख से शुरु किया था बिजनेस, अब हर साल 15 करोड़ की इनकम
  • ये हैं मणिपुर के थंगजाम जॉयकुमार, जिन्होंने 5 कर्मचारियों के साथ राज्य में अपना बिजनेस शुरू किया था। आज उनकी कंपनी में 400 लोग काम कर रहे हैं। इनमें से 70 फीसदी महिलाएं हैं।

नई दिल्ली।

ये हैं मणिपुर के थंगजाम जॉयकुमार, जिन्होंने 5 कर्मचारियों के साथ राज्य में अपना बिजनेस शुरू किया था। आज उनकी कंपनी में 400 लोग काम कर रहे हैं। इनमें से 70 फीसदी महिलाएं हैं। 

थंगजाम की कंपनी 15 करोड़ रुपए सालाना का कारोबार करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। थंगजाम ने 400 लोगों को रोजगार देकर मिसाल कायम की है। बकौल जॉयकुमार, पर्याप्त नौकरियों के अभाव में मणिपुर के अधिकांश युवा भारत के दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए भटकते हैं। 

अपने ही राज्य में लोगों के लिए कुछ करने की चाहत में मैंने थंगजम एग्रो इंडस्ट्रीज की नींव रखी। आज यह कंपनी बेरोजगार नौजवानों के लिए एक उम्मीद की किरण बनी है। थंगजाम ने आनानास का रस निकालकर बेचने के काम से अपनी कंपनी शुरु की थी, जो अब अन्य उत्पादों का भी प्रोडक्शन करने लगी है। थंगजाम जॉयकुमार ने मणिपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेन से 5 लाख रुपए और इंफाल अर्बन कॉ-ऑपरेटिव बैंक से डेढ़ लाख रुपए लोन लेकर अपना बिजनेस शुरू किया था। बिजनेस सेटअप करने में करीब 10 लाख रुपए लगे। 

शुरुआत में उनका कारोबार धीमा था। पहले साल में करीब 4 लाख रुपए का बिजनेस हुआ। उन दिनों अपने प्रोडक्ट को बेचने के लिए जॉयकुमार खुद अपनी जीप ड्राइव करते थे। उन्होंने अपना खुद का ब्रांड मार्केट में उतारा। 

जिसमें फलों का रस और अन्य पेय पदार्थों के अलावा पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर और बेकरी के उत्पाद शामिल थे। जॉयकुमार अब 1000 टन से अधिर प्रोसेस्ड फूड और पेय पदार्थों का सालाना उत्पादन करते हैं,जिसमें बोतलबंद अनानास रस भी शामिल है। 

जॉयकुमार की कंपनी में एक साल में 300 दिनों से ज्यादा काम होता है। जॉयकुमार के मुताबिक उन्होंने इंफाल से 7 किलोमीटर दूर नीलाकुथी फूड पार्क परिसर में एक विनिर्माण संयंत्र की स्थापना की। जॉयकुमार युवाओं को बाहर आने और अपने सपने को समझने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। थंगजम एग्रो इंडस्ट्रीज में 98 फीसदी कर्मचारी स्थानीय हैं। जिनमें तकनीशियन और मशीन ऑपरेटर शामिल हैं। 70 फीसदी कर्मचारी महिलाएं हैं। 

जॉयकुमार अब इंडस्ट्रियल कैंप में एक बाल देखभाल केन्द्र स्थापित करने की योजना बना रहे हैं ताकि विवाहित महिला कर्मचारी अपने बच्चों को ला सकें, जहां प्रशिक्षित नर्सें बच्चों का ध्यान रखेंगी।