कमाल का यह शहर यहां नहीं सुनाई देती हॉर्न की आवाज, लेकिन क्यों?

Daily news network Posted: 2017-10-12 11:02:34 IST Updated: 2017-10-12 11:02:34 IST
कमाल का यह शहर यहां नहीं सुनाई देती हॉर्न की आवाज, लेकिन क्यों?
  • इस शहर में नहीं बजता कोई हॉर्न ये शहर विदेश में नहीं है बल्कि यह भारत में ही स्थित है जी हां हम बात कर रहे मिजोरम की राजधानी आईजोल की जो देश का पहला ऐसा शहर है जहां कोई हॉर्न नहीं बजाता।

इस शहर में नहीं बजता कोई हॉर्न ये शहर विदेश में नहीं है बल्कि यह भारत में ही स्थित है जी हां हम बात कर रहे मिजोरम की राजधानी आईजोल की जो देश का पहला ऐसा शहर है जहां कोई हॉर्न नहीं बजाता।


आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि इस शहर की आबादी करीब साढ़े तीन लाख है जहां 1.25 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं बावजूद इसके यहां के लोग शहर में इस काम का श्रेय यहां की जनता को जाता है। कई बार 15 किलोमीटर के शहर में एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में कम से कम 1 से 2 घंटे लगते हैं। लेकिन यहां कोई हॉर्न नहीं बजाता।


रॉबर्ट ने कहा कि यहां लोग विनम्र और अनुशासित हैं। अगर कोई ट्रैफिक जाम होता है तो हमें पता चलता है कि कुछ समस्या है, ऐसे में हॉर्न बजाना कोई समाधान नहीं है। लेकिन यातायात अनुशासन बनाए रखना मिजोरम के लिए एक सामाजिक आदर्श है। सरकार अब नए नियमों भी ला रही है। मिजोरम के मुख्यमंत्री लाल थानावाला ने कहा कि हम शोर मचाने वाले बाईकर्स को अनुमति नहीं देते हैं, हम हॉर्न बजाने की की अनुमति नहीं देते हैं। चूंकि सड़कों संकीर्ण हैं और पैदल चलने वालों को डर लगता है।


हमने ऑड इवन फार्मूले का प्रयोग किया और यह सफल रहा। आईजोल में इस महीने से, उन सरकारी गाड़ियों सहित सभी वाहनों को अपने नंबर प्लेट पर पिछले अंक के आधार पर एक महीने में तीन बार ही रोड पर आ सकेंगे। अगर किसी के गाड़ी का आखिरी नंबर 1 है, तो वो वाहन महीने की 1, 11 वीं और 21 वीं तारीख को सड़क पर नहीं आएगा। 50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण दर के साथ, आईजोल की आबादी बढ़ रही है, अधिक वाहनों और सड़कों के विस्तार के लिए कोई जगह नहीं है, इसलिए कुछ कड़े नियम हैं। कोई भी वाहन तब तक पंजीकृत नहीं हो सकता जब तक कि इसके लिए गेराज के मालिक होने के दस्तावेज न दिखाएं जाएं।