स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने की ऑनलाइन बैकिंग सस्‍ती , 15 जुलाई से मिलेगा फायदा

Daily news network Posted: 2017-07-15 21:35:03 IST Updated: 2017-07-15 21:35:16 IST
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने की ऑनलाइन बैकिंग सस्‍ती , 15 जुलाई से मिलेगा फायदा
  • भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी ऑनलाइन बैंकिंग को खासा सस्ता कर दिया है। इसके तहत एसबीआई ने नेशनल इलेक्‍ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) पर चार्ज 75% तक कम कर दिया है।

नई दिल्ली

भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी ऑनलाइन बैंकिंग को खासा सस्ता कर दिया है। इसके तहत एसबीआई ने नेशनल इलेक्‍ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) पर चार्ज 75% तक कम कर दिया है। यह बदलाव 15 जुलाई से लागू होगा। बैंक ने देश में इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है।



एसबीआई के मैनेजिंग डायरेक्‍टर (एनबीजी) रजनीश कुमार ने कहा कि चार्ज में कटौती इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सर्विसेज के जरिए होने वाले ट्रांजैक्‍शन पर लागू होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल इकोनॉमी बनाने के लिए भारत सरकार की कोशिशों और अपनी स्ट्रैटजी के तहत हमने यह कदम उठाया है। 



IMPS से 1000 रुपए तक फंड ट्रांसफर पर नहीं लगेगा चार्ज



इससे पहले एसबीआई ने इमीडिएट पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) के जरिए 1000 रुपए के फंड ट्रांसफर पर चार्ज हटा दिया था।  बैंक ने छोटी रकम के डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। इससे पहले एसबीआई 1000 रुपए तक के आईएमपीएस ट्रांजेक्शन पर 5 रुपए और सर्विस टैक्‍स चार्ज कर रहा था।




आरटीजीएस फंड ट्रांसफर का  प्रॉसेस है। इसमें फंड मिलते ही या फिर 30 मिनट के अंदर बैंक को इसे बताए गए अकाउंट में ट्रांसफर करना होता है। यानी फंड को आगे प्रॉसेस के लिए नहीं टाला जा सकता है। आरटीजीएस का इस्तेमाल बड़े फंड ट्रांसफर के लिए किया जाता है। इसके तहत मिनिमम दो लाख रुपए का ट्रांसफर किया जा सकता है।  अगर किसी वजह से आपके भेजे गए पैसे संबंधित अकाउंट में नहीं पहुंच पाते तो 2 घंटे में आपके अकाउंट में वापस आ जाते हैं। 




NEFT : यह भी फंड ट्रांसफर का सरल और अहम तरीका है, लेकिन यह आरटीजीएस से धीमा है। इसके तहत फंड ट्रांसफर एक तय वक्त पर ही होता है। मसलन, वर्किंग डे में हर एक घंटे पर इसके तहत फंड ट्रांसफर होते हैं। एनईएफटी में मिनिमम अमाउंट की कोई लिमिट नहीं है। 




IMPS :  इंटरनेट बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल कर रहे कस्टमर्स ही इस फैसेलिटी का फायदा ले सकते हैं। यह फंड ट्रांसफर का सबसे तेज तरीका है। इसके लिए आपको अपने मोबाइल नंबर और 7 अंकों के एमएमआईडी नंबर की जरूरत होती है। एमएमआईडी नंबर अकाउंट खोलते वक्त बैंक से मिलता है।  इस प्रॉसेस में फंड का ट्रांसफर फौरन होता है। इस सर्विस का इस्तेमाल 24x7 किया जा सकता है। 




GST के तहत है नया चार्ज : बैंक ने गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स (जीएसटी) रिजीम के तहत रिवाइज्‍ड आईएमपीएस ट्रांसफर चार्ज का एलान भी की है।  बैंक अब आईएमपीएस के लिए 1000 से 1 लाख रुपए तक के फंड ट्रांसफर पर जीएसटी के साथ 5 रुपए लेगा। वहीं 1 लाख रुपए से 2 लाख रुपए तक के फंड ट्रांसफर का चार्ज जीएसटी के साथ 15 रुपए तक होगा। सभी फाइनेंशियल ट्रांजैक्‍शन पर 18% जीएसटी लागू है।