सावधान- पूर्वोत्तर में 2018 में आएगी तबाही

Daily news network Posted: 2018-01-08 19:18:40 IST Updated: 2018-01-08 19:18:40 IST
  • पूर्वोत्तर भारत के एक बडे़ हिस्से में भारी तबाही का खतरा मंडरा रहा है। ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर बनी तीन झीलें कभी भी कहर बरपा सकती हैं। भारत के साथ चीन भी इसकी चपेट में आ सकता है।

पूर्वोत्तर भारत के एक बडे़ हिस्से में भारी तबाही का खतरा मंडरा रहा है।

ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर बनी तीन झीलें कभी भी कहर बरपा सकती हैं। भारत के

साथ चीन भी इसकी चपेट में आ सकता है। 


वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि इन

झीलों की वजह से कभी भी इस क्षेत्र में बड़ा भूकम्प आ सकता है। ऐसा हुआ तो

झीलों के टूटने से चीन से लेकर भारत के असम और अरुणाचल प्रदेश तक भारी

तबाही मच जाएगी।



आइआइटी रुड़की के प्रोफेसर नयन

शर्मा का कहना है कि पिछले साल करीब डेढ़ महीने पहले 17 नवंबर को 6.4

तीव्रता का भूकम्प आने से वहां तीन झीलें बन गई थीं, जिनमें लगातार पानी का

दबाव बढ़ता जा रहा है। जिस क्षेत्र में ये झीलें बनी हैं, उस क्षेत्र में

सौ से ज्यादा ग्लेशियर हैं। तापमान बढ़ने पर इन ग्लेशियरों के पिघलने से इन

तीनों झीलों में पानी की मात्रा कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे इन झीलों के टूटने

का खतरा और भी अधिक बढ़ जाएगा।


इन झीलों के

टूटने से पानी दो किलोमीटर की ऊंचाई से करीब 40 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार

से गिरेगा। सरकार को इस खतरे को कम करने के लिए अभी से कदम उठाने होंगे।

इसके लिए वैज्ञानिकों की एक संयुक्त टीम का गठन कर इन झीलों पर अभी से

निगरानी शुरू कर देनी चाहिए।