त्रिपुरा: राहुल की कांग्रेस से मन भरा तो पलटी मारी और भाजपा के हो लिए और अब...

Daily news network Posted: 2018-01-14 18:46:00 IST Updated: 2018-01-14 18:46:13 IST
  • ये हैं रतन लाल नाथ। पिछले महीने तक तक त्रिपुरा में कांग्रेस के विधायक थे....बाद में भाजपा के एमएलए हो गए लेकिन अब किसी के नहीं है। किसी के नहीं का मतलब भी बता देते हैं....साहब की विधायकी चली गई है।

अगरतला। ये हैं रतन लाल नाथ। पिछले महीने तक तक त्रिपुरा में कांग्रेस के विधायक थे....बाद में भाजपा के एमएलए हो गए लेकिन अब किसी के नहीं है। किसी के नहीं का मतलब भी बता देते हैं....साहब की विधायकी चली गई है।


विधानसभा अध्यक्ष रामेन्द्र चंद्र देबनाथ ने एक फरमान जारी कर इनको विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया। संविधान के अनुच्छेद 10 का हवाला देते हुए स्पीकर ने इनसे विधायक का दर्जा छीन लिया। आपके लिए जानना जरूरी है कि नेताजी 1993 से कांग्रेस में थे....साख रही ही होगी क्योंकि एक ही सीट से पांच बार विधायक जो चुने गए लेकिन 2018 आते आते पूरी तरह से भगवा रंग में रंग चुके थे।


थे कांग्रेस में लेकिन काम ऐसे कर रहे थे जैसे भाजपा के सिपाही हो। अमित शाह से मुलाकातें कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी का गुणगान कर रहे थे....मने स्क्रिप्ट पहले से ही तैयार कर ली थी कि कब मौका मिले और छुटकारा पाएं। इरादे 17 जुलाई को साफ तौर पर बता दिए जब राष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को वोट डाल आए। बस उसी दिन तय हो गया था कि अब नेताजी कभी भी पलटी मार देंगे। हुआ भी वही....पिछले महीने चेलों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। क ांग्रेस खार खाए बैठी थी क्योंकि पार्टी के विधानसभा में तीन तो विधायक थे...उनमें से एक छोड़ गया। प्रदेशाध्यक्ष बिराजीत सिन्हा ने 22 दिसंबर को वही तारीख जब साहब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे ....स्पीकर को शिकायत कर दी। स्पीकर ने 13 जनवरी को एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत कार्रवाई की और विधायकी छीन ली।