बेटे की हत्या करने वाले पिता को सिक्किम हाईकोर्ट ने कर दिया बरी

Daily news network Posted: 2017-03-16 17:33:52 IST Updated: 2017-10-12 16:05:44 IST
बेटे की हत्या करने वाले पिता को सिक्किम हाईकोर्ट ने कर दिया बरी
  • सिक्किम हाईकोर्ट ने बेटे की हत्या के आरोप से पिता को बरी कर दिया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि बेटे की मौत इसलिए हुई क्योंकि पिता खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था।

गंगटोक।

सिक्किम हाईकोर्ट ने बेटे की हत्या के आरोप से पिता को बरी कर दिया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि बेटे की मौत इसलिए हुई क्योंकि पिता खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था। बेटा अपने पिता को गला घोंटना चाहता था।


चीफ जस्टिस सतीश के.अग्निहोत्री ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। ट्रायल कोर्ट ने पिता को आईपीसी की धारा 304(1) के तहत दोषी करार दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि पिता का अपने पुत्र पर खुखरी से हमला खुद की सुरक्षा करने के अधिकार की एक्सरसाइज था। यह आईपीसी की धारा 96 के दायरे में आता है। इस धारा के तहत खुद की सुरक्षा में उठाया गया कदम अपराध नहीं है। हाईकोर्ट निचली अदालत की इस दलील से भी संतुष्ट नहीं था कि पिता ने खुद की सुरक्षा के अधिकार का अतिक्रमण किया था और उसे पुत्र पर हमला करते वक्त अपने दिमाग को शांत रखना था।


कोर्ट ने गवाहों के बयानों का उदाहरण देते हुए कहा कि पुत्र ने अपने पिता का पीछा किया और अपने हाथों से उनके गले को जोर से दबाना शुरू किया जिससे उनका दम घुट जाए। इससे मौत भी हो सकती थी। इस तरह की परिस्थिति में पिता के पास खुद की सुरक्षा का अधिकार था। इस तरह की अप्रयाशित स्थिति में उसने पुत्र पर हथियार से हमला किया जिससे उसकी मौत हो गई। यह नहीं कहा जा सकता कि उसने खुद की सुरक्षा के अधिकार का अतिक्रमण किया।