मणिपुर के मंत्री का वीडियो वायरल, सच जानकर दंग रह जाएंगे

Daily news network Posted: 2017-07-25 20:59:58 IST Updated: 2017-07-25 20:59:58 IST
मणिपुर के मंत्री का वीडियो वायरल, सच जानकर दंग रह जाएंगे
  • हाल ही में असम के विधायक रूपज्योति कुर्मी का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में कुर्मी अपनी पीठ पर धान की बोरी को लादते हुए दिख रहे थे। कुर्मी धान की बोरी पीठ पर लादकर राहत सामग्री असम के बाढ़ पीडि़तों तक पहुंचाने में मदद कर रहे थे।

इंफाल।

हाल ही में असम के विधायक रूपज्योति कुर्मी का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में कुर्मी अपनी पीठ पर धान की बोरी को लादते हुए दिख रहे थे। कुर्मी धान की बोरी पीठ पर लादकर राहत सामग्री असम के बाढ़ पीडि़तों तक पहुंचाने में मदद कर रहे थे। 


वीडियो वायरल होने के बाद रूपज्योति की जमकर तारीफ हुई। उधर मणिपुर के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता थोंगम बिश्वजीत सिंह का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो 3 जुलाई के बाद से वायरल हुआ था। वीडियो में राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री स्टेट रेस्पांस फोर्स कर्मियों, स्थानीय युवाओं व अन्य के साथ तटबंध की मरम्मत के काम में हाथ बंटाते हुए दिख रहे हैं। 



कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कोंग्बा नदी में आई बाढ़ के कारण कोंग्बा ईरोंग और उचेचकोन लई मोरिबा इलाके में तटबंध टूट गया था। थोंगजु विधानसभा सीट से विधायक और मार्च में विधानसभा चुनाव के वक्त मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे बिश्वजीत को यह जानकारी मिली कि अगर उसकी तुरंत मरम्मत नहीं की गई तो कोंग्बा नदी के किनारे स्थित घर बह जाएंगे। 



जानकारी मिलते ही बिश्वजीत तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां ग्रामीण और स्टेट डिजास्टर रेस्पांस फोर्स के कर्मी तटबंध की मरम्मत के काम में जुटे हुए थे। मंत्री भी तुरंत तटबंध की मरम्मत के काम में जुट गए। उनके हाथ और पैर मिट्टी में सन गए। मंत्री को मरम्मत के काम में हाथ बंटाते देख वहां मौजूद मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी काम में जुट गए। कहा जा रहा है कि इन लोगों ने तटबंध की तुरंत मरम्मत कर दी। जिस वक्त जब मंत्री से जुड़ी हर छोटी मोटी जानकारी ट्वीट की जाती हो(चाहे मंत्री ट्वीट करे या उनका स्टाफ)उस वक्त बिश्वजीत का बिना प्रचार के लोगों की मदद के लिए आगे आना प्रशंसनीय है। 



बिश्वजीत की तरह ही राज्य के सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण मंत्री एल.हाओकिप भी अपने विभाग के संसदीय सचिव एल.रामेश्व व वाई अंतास(उन्होंने मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में लिलोंग एसी से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ा था और कांग्रेस के मुहम्मद अब्दुल नासिर से हार गए थे)के साथ इंफाल में एक तट को कंट्रोल करने के लिए खड़े थे।