सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी ये फोटो, सामने आया सच

Daily news network Posted: 2017-10-20 16:28:44 IST Updated: 2017-10-20 16:28:44 IST
सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी ये फोटो, सामने आया सच
  • कोई भी उस तस्वीर को नहीं भूल सकता जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। तस्वीर में एक लड़की स्कूल में एग्जाम के दौरान अपनी पीठ पर बहन को लादे हुए दिखाई दी थी। यह तस्वीर जबरदस्त वायरल हुई थी।

कोकराझार।

कोई भी उस तस्वीर को नहीं भूल सकता जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। तस्वीर में एक लड़की स्कूल में एग्जाम के दौरान अपनी पीठ पर बहन को लादे हुए दिखाई दी थी। यह तस्वीर जबरदस्त वायरल हुई थी।


यह तस्वीर थी 10 साल की मोनालिसा जो असम के चिरांग जिले के सोनापुर लालई एलपी स्कूल में चौथी क्लास की छात्रा है। वह ऐसे परिवार से आती है जिसे हर दिन जिंदा रहने के लिए जंग लडऩी पड़ती है। मोनालिसा अपनी पढ़ाई के प्रति बहुत डेडिकेट। पढ़ाई में कोई बाधा ना आए और लगातार स्कूल आती रहे चाहे इसके लिए उसे अपनी छोटी बहन को पीठ पर लादकर ही क्यों ना आना पड़े।


12 अक्टूबर को थर्ड इवेल्यूशन एग्जामिनशन के दौरान मोनालिसा अपनी छोटी बहन को पीठ पर बांधकर एग्जाम में शामिल हुई थी। उस वक्त स्कूल के एक टीचर जयंता बोरो ने उसकी तस्वीर खींच ली और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। तस्वीर अपलोड होते ही वायरल हो गई। लोग उसे धड़ाधड़ शेयर करने लगे। तस्वीर पर समाज के हर तबके ने प्रतिक्रिया दी। सोनापुर लालई एलपी स्कूल कच्चे घर में चल रहा है। वहां न टैबल है और न ही कुर्सी। छात्रों व शिक्षकों के लिए बैंच भी नहीं है।


स्थानीय लोगों के मुताबिक छात्रों को पढ़ाने के लिए शुरुआत में स्कूल में कोई टीचर नहीं था लेकिन चिरांग में स्कूलों के इंस्पेक्टर्स जयपाल सिंह ब्रह्मा की पहल पर उदलगुरी से एक टीईटी शिक्षक और एक अटैचमेंट टीचर को पांच या छह माह पहले तैनात किया गया। मोनालिसा के शिक्षक जयंता बोरा ने बताया कि वह बहुत ही गंभीर लड़की है।


उसने एग्जाम में बहुत अच्छा परफॉर्म किया है। मोनालिसा ने कभी भी अपनी कठिनाईयों का रोना नहीं रोया। वह रेगुलरली क्लासेज अटेंड करती है और ध्यान से पढ़ाई करती है। मोनालिसा अपने प्लेस में अपने शिक्षकों को देखकर बहुत खुश और उत्साहित है।


जब मोनालिसा से उसके माता पिता और उसकी डेली लाईफ के बारे में पूछा गया तो वह अपसेट हो गई। उसके पिता अजय मुसाहारी ट्रैक्टर में दिहाड़ी मजदूर के रुप में काम करते हैं। उसकी मां रंजिता मुसाहारी अपने परिवार के खाने के इंतजाम के लिए फिशिंग करती है। मोनालिसा की तीन छोटी बहनें हैं। जब उसके माता पिता काम के लिए घर से बाहर होते हैं तो उसे ही अपनी तीनों छोटी बहनों की देखभाल करनी पड़ती है। मोनालिसा की दो छोटी बहनें इसी स्कूल में तीसरी व दूसरी क्लास में पढ़ती है। मोनालिसा के पिता बताते हैं कि उन्हें अपनी बच्ची पर गर्व है लेकिन वे गरीब हैं इसलिए उनकी बेटी को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।


उन्हें परिवार का पेट भरने के लिए हर दिन बाहर जाना पड़ता है। मोनालिसा के सभी शिक्षक उसके हार्ड वर्क, डेडिकेशन की तारीफ करते हैं। साथ ही उसकी सफलता की कामना करते हैं। सीआरसीसी मालविता, पी.बासुमातारी मोनालिसा की उसके पढ़ाई के प्रति कमिटमेंट की तारीफ करते हुए कहती हैं कि वह जहां रहती है वह काफी दूर है। वह जिला मुख्यालय से भी काफी दूर है। संबंधित विभागों को मोनालिसा के बारे में सूचना दे दी गई है। ग्रामीण भी मोनालिसा की तारीफ करते नहीं थकते।


उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि वह मोनालिसा को फाइनेंशियल सपोर्ट करे क्योंकि वह उस परिवार से ताल्लुक रखती है जो उसकी उच्च शिक्षा के लिए खर्च वहन नहीं कर सकता।