एक और जवान का वीडियो वायरल: गुलाम समझते हैं अफसर

Daily news network Posted: 2017-03-07 16:55:18 IST Updated: 2017-10-20 12:51:38 IST
एक और जवान का वीडियो वायरल: गुलाम समझते हैं अफसर
  • तेजबहादुर के बाद अब एक और ऑर्मी के जवान का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में भी खराब क्वालिटी के खाने की शिकायत की गई है। वीडियो जारी करने वाले आर्मी के जवान सिंधव जोगीदास का कहना है कि आर्मी के जवान को सबसे सस्ती सब्जी, सबसे सस्ता फ्रूट, सबसे घटिया खाना दिया जाता है।

नई दिल्ली।

तेजबहादुर के बाद अब एक और ऑर्मी के जवान का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में भी खराब क्वालिटी के खाने की शिकायत की गई है। वीडियो जारी करने वाले आर्मी के जवान सिंधव जोगीदास का कहना है कि आर्मी के जवान को सबसे सस्ती सब्जी, सबसे सस्ता फ्रूट, सबसे घटिया खाना दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अफसरों ने जवानों को गुलाम समझ रखा है। उधर, सेना के सूत्रों का कहना है कि जोगीदास को पिछले साल अनुशासनहीनता के लिए कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ा था। जोगीदास कई बार अफसरों की नाफरमानी कर चुका है और ये वीडियो महज सेना की किरकिरी के मकसद से पोस्ट किया गया है।



जोगीदास ने एक वीडियो में आरोप लगाया है, जवानों को सब कुछ मजबूरी में करना पड़ता है। जो मुंह खोलता है, वो मारा जाता है। जोगीदास के मुताबिक, उन्हें छुट्टी खत्म होने के 2 दिन बाद ड्यूटी ज्वाइन करने पर सहायक का काम करने की सजा दी गई। जब सजा मानने से इनकार किया तो उन्हें 7 दिन सेना की हिरासत में भेज दिया गया। जोगीदास ने कहा, सेना के वॉट्सऐप हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत की, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। जोगीदास का दावा है कि वो पीएमओ, रक्षा मंत्री और आर्मी चीफ बिपिन रावत तक भी अपनी बात पहुंचा चुके हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पीएमओ को लेटर लिखने के बदले उनके खिलाफ ही जांच बैठा दी गई।



सेना के अफसरों का कहना है कि जोगीदास का सहायक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, बतौर सिपाही हाउसकीपर साफ-सफाई उसकी ड्यूटी का हिस्सा है। 2015 में जोगीदास को छुट्टी से ज्यादा वक्त घर में बिताने पर सजा मिली थी। इसके बाद उसने नौकरी छोडऩे की ख्वाहिश जाहिर की थी, लेकिन काउंसिलिंग के बाद उसने अपना इरादा छोड़ दिया। इसके बाद उसे रानीखेत ट्रांसफर कर दिया गया। यहां भी उसने ड्यूटी करने से इनकार किया तो उसे 7 दिनों तक आर्मी की जेल में रखा गया था। आर्मी अफसर ये भी कह रहे हैं कि पीएमओ को लेटर लिखने के बाद जोगीदास के आरोपों की जांच की गई थी, लेकिन उसके आरोपों में सच्चाई नहीं पाई गई।

बता दें कि इससे पहले बीएसएफ के जवान तेज बहादुर का वीडियो जनवरी में सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इसमें जवान ने बीएसएफ में खराब क्वालिटी का खाना दिए जाने की शिकायत की थी। इसके बाद उसे बॉर्डर पोस्ट से हटाकर प्लम्बर की ड्यूटी में लगाया गया।