60 साल की उम्र में महिला बनीं मां, बच्ची को दिया जन्म

Daily news network Posted: 2017-02-17 12:15:13 IST Updated: 2017-07-27 15:16:58 IST
60 साल की उम्र में महिला बनीं मां, बच्ची को दिया जन्म
  • गुजराते के कच्छ जिले में एक 60 साल की बूढ़ी महिला ने मेनोपॉज़ के 15 साल बाद एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। महिला ने सिटी हॉस्पिटल में बच्ची को जन्म दिया है।

गुजरात।

गुजराते के कच्छ जिले में एक 60 साल की बूढ़ी महिला ने मेनोपॉज़ के 15 साल बाद एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। महिला ने सिटी हॉस्पिटल में बच्ची को जन्म दिया है।

सुशीला पांड्या और उनके पति प्रवीण कच्छ जिले के भचाऊ के वोंड गांव में रहते हैं। डॉक्टर ने सुशीला को एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन की हाई डोज पर रखा और इस तरह वे उनकी मेनोपोज़ को रोककर मंथली पीरियड साइकल को रिवर्स करने में कामयाब रहे। 

इस वजह से महिला गर्भ धारण कर पाईं और साथ ही वह बच्ची को ब्रेस्टफीडिंग भी करा रही हैं।

बता दें कि सुशीला की 8 महीने की प्रेग्नेंसी चुनौतियों से भरी हुई थी क्योंकि वह डायबीटीज़ और हाइपरटेंशन की मरीज हैं। जब वह अपनी प्रेग्नेंसी के आठवें महीने में थीं तो उनका ब्लड प्रेशर हाई हो गया था।

सुशीला ने बताया कि हम हमेशा से एक बच्चा चाहते थे और हम इसके लिए कई डॉक्टरों से मिले। मैंने कई व्रत रखे और सभी तरह के पूजा-अनुष्ठान किए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद में अपने गांव की ही एक महिला पुंजीबेन से मिली जिन्होंने इसी अस्पताल में 60 साल की उम्र में एक बच्चे को जन्म दिया। उन्होंने ही मुझे IVF के बारे में बताया।'

अपनी पहली IVF साइकल के बाद वह प्रेग्नेंट हुईं। उन्होंने ट्विन्स कंसीव किए लेकिन फिर तीन महीने के बाद गर्भपात हो गया। जुलाई 2015 में उन्होंने फिर से कंसीव किया। प्रेग्नेंसी के दौरान वह डायबीटीज़ और हाइपरटेंशन की दवाइयां ले रही थीं और आठवें महीने में उनका बीपी बहुत बढ़ गया।

डॉक्टर दामिनी ने बताया, 'मैं उनके लिए बहुत डर गई थी। उनकी तबीयत 8वें महीने में खराब हो गई थी और बच्ची का जन्म 36 हफ्तों की जगह 34 हफ्तों में ही हो गया।'

डॉक्टर दामिनी ने कहा, 'ऑपरेशन 3 घंटों तक चला। बहुत ज्यादा कॉम्प्लिकेशन्स थे। मां और बच्ची, दोनों ही अब स्वस्थ हैं। यहां तक कि वह बच्ची को ब्रेस्टफीड भी करा पा रही हैं जो कि इस उम्र में करना बहुत मुश्किल होता है।'

सुशीला ने कहा कि मेरे ससुराल वालों ने मेरा बहुत ध्यान रखा। मेरी 17 साल की भतीजी ने बच्ची का नाम 'हीर' रखा है।