मेघालय का मावलिन्नांग है एशिया का सबसे स्वच्छ गांव

Daily news network Posted: 2017-07-15 17:41:16 IST Updated: 2017-07-15 17:41:16 IST
मेघालय का मावलिन्नांग  है एशिया का सबसे स्वच्छ गांव
  • आज जब पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है, वहीं हमारे उत्तर-पूर्व में एक ऐसा गांव है, जो अपने स्वच्छता के बल पर पूरे विश्व के मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान रखता है।

मेघालय

आज जब पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है, वहीं हमारे उत्तर-पूर्व में एक ऐसा गांव है, जो अपने स्वच्छता के बल पर पूरे विश्व के मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान रखता है। 



ये है मेघालय का गांव मावलिन्नांग. राजधानी शिलांग और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से 90 किलोमीटर दूर स्थित मावलिन्नांग को एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का खिताब मिला हुआ है। मावलिन्नांग गांव की साफ-सफाई का ख्याल कोई और नहीं बल्कि वहां रहने वाले लोग ही रखते हैं। 



लगभग 500 लोगों की जनसंख्या वाले इस छोटे से गांव में करीब 95 खासी जनजातीय परिवार रहते हैं। मावलिन्नांग में पॉलीथीन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है और यहां थूकना मना है। 




गांव के रास्तों पर जगह-जगह कूड़े फेंकने के लिए बांस के कूड़ेदान लगे हुए हैं। इसके अलावा रास्ते के दोनों ओर फूल-पौधे कि क्यारियां और स्वच्छता का निर्देश देते हुए बोर्ड भी लगे हुए हैं। 



गांव के हर परिवार का सदस्य गांव की सफाई में रोजाना भाग लेते हैं और अगर कोई ग्रामीण सफाई अभियान में भाग नहीं लेता है तो उसे घर में खाना नहीं मिलता है। 



मावलिन्नांग गांव मातृसत्तात्मक है, जिसके कारण यहां की औरतों को ज्यादा अधिकार प्राप्त हैं और गांव को स्वच्छ रखने में वो अपने अधिकारों का बखूबी प्रयोग करती हैं. मावलिन्नांग के लोगों को कंक्रीट के मकान की जगह बांस के बने मकान ज्यादा पसंद हैं। 



अपनी स्वच्छता के लिए मशहूर मावलिन्नांग को देखने के लिए हर साल पर्यटक भारी तादात में आते हैं।  'मावल्यान्नॉंग' गांव को 'भगवान का अपना बगीचा' (God’s Own Garden) भी कहा जाता है।