इस गुफा में हुआ था राम भक्त हनुमान का जन्म, लोग कहते हैं अंजनीधाम

Daily news network Posted: 2017-04-11 12:58:12 IST Updated: 2017-06-23 10:46:15 IST
इस गुफा में हुआ था राम भक्त हनुमान का जन्म, लोग कहते हैं अंजनीधाम
  • एक प्राचीन मान्यता के अनुसार भगवान हनुमान का जन्म झारखंड के गुमला में हुआ था। यहां एक गुफा को उनका जन्म स्थल माना जाता है। मंगलवार को 11 अप्रैल को हनुमान जंयती है। इस मौके पर हनुमानजी की जन्मस्थल के बारे में बता रहे हैं।

गुमला(झारखंड)।

एक प्राचीन मान्यता के अनुसार भगवान हनुमान का जन्म झारखंड के गुमला में हुआ था। यहां एक गुफा को उनका जन्म स्थल माना जाता है। मंगलवार को 11 अप्रैल को हनुमान जंयती है। इस मौके पर हनुमानजी की जन्मस्थल के बारे में बता रहे हैं। 

दावा किया जाता है कि यहां दुनिया की एकमात्र ऐसी अकेली मूर्ति है जिसमें माता अंजनी हनुमान जी को गोद में लिए हुए हैं। 


बता दें की झारखंड के गुमला में एक गांव है अंजनी। ये शहर से 20 से 22 किमी दूर जंगलों के बीच है। इस गांव में एक गुफा है जिसे अंजनीधाम के नाम से जाना जाता है। लोगों का मानना है कि इसी गुफा में भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। 

कहते हैं कि गुफा के दरवाजे को हनुमान जी की माता अंजनी ने बंद कर दिया था। वे स्थानीय लोगों द्वारा यहां दी गई एक बलि से नाराज थीं। गुफा के ऊपर कुछ दूरी पर लोगों ने माता अंजनी और हनुमान की एक मंदिर बनाया है।

अंजनीधाम के नाम से जाने जाने वाले मंदिर की स्थापना भगवान हनुमान भक्तों ने साल 1953 में की थी। मंदिर में भगवान हनुमान और माता अंजनी का मूर्ति है। यहां भगवान हनुमान अपनी माता की गोद में दिखाई देते हैं।

अंजनीधाम से जुड़ी और भी पौराणिक गाथाएं हैं। कहते हैं, गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में बालि व सुग्रीव का राज्य था। शबरी आश्रम भी यहीं है, जहां माता शबरी ने भगवान राम व लक्ष्मण को जूठे बेर खिलाए थे। पंपापुर सरोवर भी यहीं है, जहां भगवान राम और लक्ष्मण ने रुककर स्नान भी किया था।

गुफा के पास ही खटवा नदी है। कहा जाता है कि इस नदी में मां अंजनी रोज स्नान करतीं थीं। स्नान के बाद वो यहां विराजमान 360 शिवलिंग में से एक की रोज पूजा करती थीं। माता अंजनी के मंदिर के नीचे एक प्राचीन गुफा है, जिसे सर्प गुफा कहा जाता है। जो भी यहां पूजा के लिए आता है, अंजनी माता के दर्शन के बाद इस सर्प गुफा का दर्शन जरुर करता है।