अरुणाचल प्रदेश की सौंदर्य प्रतियोगिता में आदिवासियों को आरक्षण

Daily news network Posted: 2017-08-11 21:36:16 IST Updated: 2017-08-11 21:36:16 IST
अरुणाचल प्रदेश की सौंदर्य प्रतियोगिता में आदिवासियों को आरक्षण
  • चीन की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश की तीन आदिवासी जातियों को पहली बार सौंदर्य प्रतियोगिता में आरक्षण मिलेगा।

अरुणाचल प्रदेश

आपने अब तक नौकरियों, शिक्षा और चुनाव में आरक्षण के बारे में सुना होगा लेकिन सौंदर्य प्रतियोगिता में आरक्षण के बारे में आपने नहीं सुना होगा। चीन की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश की तीन आदिवासी जातियों को पहली बार सौंदर्य प्रतियोगिता में आरक्षण मिलेगा। यह प्रतियोगिता आगामी सितंबर माह में होगी।



इस आरक्षण को डोकलाम में भारत-चीन के बीच जारी गतिरोध से जोड़ा जा रहा है

आयोजकों ने 10वीं मिस अरुणाचल सौंदर्य प्रतियोगिता में वंचित तबके की लिसु, नाह और पुरोइक नामक आदिवासी जातियों को आरक्षण देने का फैसला किया है। इसे भूटान की सीमा में आने वाले डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध से जोड़कर देखा जा रहा है।



तीन जातियों को मिलेगा सीधे प्रवेश

मिस अरुणाचल सौंदर्य प्रतियोगिता 2017 के लिए 10 सितंबर से 15 अक्टूबर तब ऑडिशन होंगे। अगले महीने पूरे राज्य में इसके लिए ऑडिशन होंगे। प्रतियोगिता के आयोजन के प्रभारी ताई रोकेट ने कहा, आदिवासी जातियों लिसु, नाह और पुरोइक को इस प्रतियोगिता में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि प्रवेशार्थी की उम्र 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। साथ ही वह बारहवीं पास हो और उसकी ऊंचाई 5.2 फुट से कम न हो।



सेना की विधि विंग में विवाहित महिलाओं की भर्ती नहीं करना द्वेषपूर्णः दिल्ली उच्च न्यायालय

दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को सेना की विधि विंग से कहा है कि विवाहित महिलाओं की इस विंग में भर्ती नहीं करना द्वेषपूर्ण और 100 फीसदी भेदभाव है। कोर्ट ने कहा कि आज महिलाएं लडा़कू विमान की पायलट हैं लेकिन आप कह रहे हैं कि वे जेएजी के लिए फीट नहीं हैं। कोर्ट ने पूछा कि विवाहित महिलाओं की इसमें भर्ती नहीं करने के पीछे क्या तर्क है।