असम की शान IAS अनन्या दास, पहली बार में ही 16 वी रैंक से एग्जाम किया था पास

Daily news network Posted: 2017-08-28 16:43:47 IST Updated: 2017-08-28 16:43:47 IST
असम की शान IAS अनन्या दास, पहली बार में ही 16 वी रैंक से एग्जाम किया था पास

सपने उन्ही के पूरे होते हैं जो सपने देखने की चाह रखते हैं जी हां आज हम आपको असम की एक ऐसी ही बेटी से मिलवाने जा रहे हैं जो IAS बनकर देश का नाम ऊंचा कर रही हैं अनन्या दास आज IAS बनकर गुजरात में पोस्टिंग पर हैं। उसने वलसाड में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में काम भी किया था। अनन्या गोहाटी के असीतबरम दास और अनिता दास की दो बेटियों में बड़ी है। 

उसकी छोटी बहन अभी पढ़ाई कर रही है। अनन्या के पिता बैंक ऑफ इंडिया में काम करते थे। कुछ समय पहले ही वे रिटायर्ड हुए हैं। अनन्या ने गोहाटी के अलावा पटना और कोलकाता की स्कूल में पढ़ाई की है। उसने एमएससी में 96.20% अंक प्राप्त किए थे। 



इसके बाद उसने बीट्स-पीलानी(राजस्थान) से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग किया था। इसके बाद आईटी कंपनी में ओरेकल में दस महीने तक जॉब किया। जॉब छोड़कर यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। इसमें उनकी मां ने काफी सपोर्ट किया। कई लोगों ने यह भी कहा कि अच्छी जॉब छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करना मूर्खता है। पर अनन्या को जॉब का सटिस्फेकशन नहीं था। इसलिए उसने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। इस बीच उसे खूब पढ़ाई की। 




जुलाई से नवम्बर 2014 तक दिल्ली जाकर ऑप्शनल विषय पॉलीटिकल साइंस की तैयारी की। अगस्त 2014 में प्रीलिम और दिसम्बर 2014 में मेंस की परीक्षा में शामिल हुई। अनन्या दास पास हो गई। मार्च-अप्रैल 2015 में आयोजित इंटरव्यू में अनन्या ने नेशनल लेवल में 16 वें रेंक के साथ पास हो गई। रिटन में उसे 1750 में से 815 मार्क्स मिले। इंटरव्यू में 275 में से 179 मार्क्स मिले। इस तरह से उसने कुल 994 मार्क्स मिले।




अनन्या का कहना है कि यूपीएससी की परीक्षा की प्रोसिजर काफी लम्की है। कई बार खुद पर ही शक करने लग जाता है कि मैं यह करुंगा या यह करुंगी। इसकी तैयारी के लिए मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। इतना तो इतने समय में हो ही जाना चाहिए। ऐसी प्लानिंग करेंगे, तो कामयाबी अवश्य मिलेगी।



अनन्या दास का बेकग्राउंड इंजीनियरिंग होने के कारण उससे भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों, हॉबी, जॉब, पर्सनल लाइफ, पर्यटन आदि विषय पर कई प्रश्न पूछे गए। उसकी पहली पसंद राजस्थान थी, क्योंकि वहीं उसने पढ़ाई की थी। दूसरे नम्बर पर उसकी पसंद गुजरात थी।