लड़की ने लोन लेकर खरीदा था मोबाइल, 1590 की EMI भर जीते 1 करोड़ रुपए

Daily news network Posted: 2017-04-16 12:27:04 IST Updated: 2017-04-16 12:27:04 IST
लड़की ने लोन लेकर खरीदा था मोबाइल, 1590 की EMI भर जीते 1 करोड़ रुपए
  • लातूर की रहने वाली लड़की श्रद्धा मोहन मंगेशेट्टी को डिजिधन योजना के तहत एक करोड़ रुपए का प्रथम पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा नागपुर में दिया गया। श्रद्धा ने लातूर के सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की ब्रांच से रुए डेबिट कार्ड के द्वारा EMI का पेमेंट किया था।

नागपुर।

लातूर की रहने वाली लड़की श्रद्धा मोहन मंगेशेट्टी को डिजिधन योजना के तहत एक करोड़ रुपए का प्रथम पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा नागपुर में दिया गया। श्रद्धा ने लातूर के सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की ब्रांच से रुए डेबिट कार्ड के द्वारा EMI का पेमेंट किया था। 

इस ट्रांजैक्शन की वजह से डिजिधन लकी ग्राहक योजना में लकी नंबर आया और श्रद्धा को ये प्राइज मिला।

श्रद्धा ने बताया कि मैं इंजीनियरिंग स्टूडेंट हूं, पिताजी से मोबाइल के लिए पैसे नहीं मांग सकती थी इसलिए मैनें ऑनलाइन मोबाइल खरीदा था। मोबाइल की 1590 रुपए की EMI रुपे कार्ड से ऑनलाइन पेंमेट किया था, जिसमें डिजिधन लकी ग्राहक योजना में मेरा पहला नंबर निकला।

इसी कारण लकी नंबर आने से मुझे एक करोड़ रुपए मिले। पुरस्कार देते समय प्रधानमंत्री मोदी ने मुझसे पूछा था कि अब इन पैसों का क्या करोगी? तो मैंने कहा- अभी तय नहीं किया है।

उन्होंने नोटबंदी से पहले अक्टूबर में लातूर के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच से मोबाइल के लिए लोन लिया था। श्रद्धा के अलावा इस योजना के अंतर्गत 16 लाख लोगों ने 258 करोड़ के पुरस्कार जीते। 

डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए दो योजनाओं के विजेताओं को प्रधानमंत्री ने सम्मानित किया।

गुजरात के बैंक ऑफ बड़ोदा के रुपए कार्ड के जरिए 1100 रुपए के डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर हार्दिक कुमार चिमनभाई प्रजापति जो कि एक टीचर हैं उनको 50 लाख रुपए मिले।

देहरादून उत्तराखंड के रहने वाले भरत सिंह को तीसरा पुरस्कार मिला है। उन्होंने 100 रुपये का डिजिटल ट्रांजेक्शन PNB से किया था। भरत कपड़े की दुकान पर काम करते हैं। डिजिधन व्यापार योजना में 50 लाख रुपए का पहला पुरस्कार चेन्नई के GRT ज्वेलर्स के ओनर आनंद पद्मनाभन को मिला।

उन्होंने ICICI बैंक के कार्ड से 300 रुपए एक्सेप्ट किए थे। उन्होंने तुरंत जीती हुए 50 लाख रुपए स्वच्छ गंगा निधि के लिए दे दिए।