हर महिला को पता होने चाहिए उनके ये 5 कानूनी अधिकार

Daily news network Posted: 2017-07-24 20:20:23 IST Updated: 2017-07-24 20:20:23 IST
हर महिला को पता होने चाहिए उनके ये 5 कानूनी अधिकार
  • महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग नहीं होती हैं और तो और ऐसे कई कानून हैं जिनके बारे में शायद उन्हें पता भी नही हैं। यही कारण है कि अपने साथ हुए आपराध को लेकर वो पुलिस के पास जाने से कतराती हैं।

गुवाहाटी।

महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग नहीं होती हैं और तो और ऐसे कई कानून हैं जिनके बारे में शायद उन्हें पता भी नही हैं। यही कारण है कि अपने साथ हुए आपराध को लेकर वो पुलिस के पास जाने से कतराती हैं। 



ऐसा नही है कि सिर्फ अनपढ़ महिलाओं को ही उनके अधिकारों का नहीं पता बल्कि कई पढी लिखी महिलाओं का भी यही हाल है। वे भी अपने अधिकारों से अनजान हैं। 



जिसके कारण कई बार वो इंसाफ की दौड़ में पीछे रह जाती हैं। चलिए बताते हैं आपको महिलाओं के 5 कानूनी अधिकारों के बारे में-



1. कानूनी मदद के लिए मुफ्त मिलते हैं वकिल- दिल्ली हाईकोर्ट के मुताबिक आपराधिक दुर्घटना की शिकार महिला की शिकायत पर थाना इंचार्ज की यह जिम्मेदारी हैं कि वह मामला अथॉरिटी में भेजे और पीड़ित महिला को मुफ्त वकिल करवाए।

2. प्राथमिकी दर्ज कराने की समय सीमा नहीं- महिला के लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाने की कोई समय सीमा नहीं है वो जब चाहे प्राथमिकी दर्ज करवा सकती हैं। 



3. ई-मेल से दर्ज होती है एफआईआर- दिल्ली पुलिस द्वारा जारी एक गाइडलाइन के मुताबिक महिलाएं ई-मेल से भी अपनी शिकायते दर्ज करवा सकती हैं। 



4. महिला किसी थाने में दर्ज करवा सकती हैं एफआईआर- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक रेप पीड़ित मीहला किसी भी थाने में एफआईआर दर्ज करवा सकती हैं। पुलिस वाले उसे रिपोर्ट दर्ज करने से रोक नहीं सकते। 



5. सूर्यास्त के बाद महिला की गिरफ्तारी नहीं-सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक रात को किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता हैं ऐसा महिला कांस्टेबल की मौजूदगी में भी संभव नहीं हैं। गंभीर अपराधी महिला को भी मजिस्ट्रेट की लिखित मंजूरी से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।