सिक्किम में महिला सुरक्षा के लिए सखी सेंटर और हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत

Daily news network Posted: 2017-05-17 14:59:49 IST Updated: 2017-05-17 14:59:49 IST
सिक्किम में महिला सुरक्षा के लिए सखी सेंटर और हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत
  • सिक्किम में महिला सुरक्षा को देखते हुए शनिवार को एक साथ सखी-वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की शुरुआत की गई।

गंगटोक।

सिक्किम में महिला सुरक्षा को देखते हुए शनिवार को एक साथ सखी-वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की शुरुआत की गई। 

इसकी शुरुआत कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मंत्री तुलसी देवी राय ने की। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए आभार व्यक्त किया और इस प्रगतिशील कार्य के लिए विभाग को धन्यवाद दिया। 


उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार की योजना का एक हिस्सा है, जिसे पूरे देश में विस्तार किया जा रहा है। इसकी शुरुआत अब सिक्किम ने सामाजिक, न्याय, सशक्तिकरण और कल्याण विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि इसका मकसद महिलाओं को संकट में सुरक्षा और सहायता प्रदान करना है। इस हेल्पलाइन पर महिलाएं किसी भी वक्त मदद के लिए फोन कर सकती हैं। इसके साथ ही महिलाएं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी प्राप्त कर सकती हैं। 


इस हेल्पलाइन नंबर को सफल बनाने के लिए प्रशासन को पूर्ण रूप से तैयार रहना होगा और इसे सफल बनाने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाने होंगे। 

उन्होंने इसका श्रेय सिक्किम के मुख्य मंत्री पवन चामलिंग की नीतियों को दिया और दोहराया कि उनके प्रयास के कारण ही सिक्किम में हर महिला को समान अवसर, सम्मान और अधिकार मिला है। साथ ही उन्होंने ग्रामीण और शहरी लोगों को महिला हेल्पलाइन नंबर 181 और सखी-एक स्टॉप सेंटर के बारे में जागरुक करने पर जोर दिया। 

वहीं अपने छोटे भाषण के दौरान आयुक्त-सह-सचिव (एसजेई और डब्लूडी) आर तेलंग ने कहा कि ऐसी योजनाओं का प्रबंधन और संचालन एक चुनौती है और प्रत्येक व्यक्ति को उनकी जिम्मेदारी से अवगत होना चाहिए। 

उप सचिव (एसजेई और डब्लूडी) रोशनी प्रधान ने महिला हेल्पलाइन योजना के सार्वभौमिकरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसे निजी और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं का समर्थन करने के लिए बनाया गया है। महिला हेल्पलाइन नंबर-181 हिंसा से प्रभावित सभी महिलाओं को 24 घंटे की आपातकालीन सहायता प्रदान करेगी।

वहीं सखी-वन स्टॉप सेंटर(OSC) का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं की मदद करना है। इसके तहत शारीरिक, आर्थिक, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक, उम्र, वर्ग, जाति, शिक्षा और संस्कृति को लेकर प्रताड़ित महिलाओं की मदद की जाएगी।

ओएससी में महिलाओं को एक ही छत के नीचे परामर्श, चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता और पुलिस सहायता प्रदान की जाएगी।