22 January, 2017
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इस्तांबुल में नए साल के जश्न के दौरान क्लब में फायरिंग, 39 की मौत; सांता की ड्रेस में था हमलावर

Daily News Network Posted: 2017-01-01 12:11:19 IST Updated: 2017-01-01 12:11:19 IST
इस्तांबुल।
तुर्की के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में नए साल के जश्न के दौरान एक क्लब में फायरिंग हुई। इसमें फिलहाल 39 लोगों के मारे जाने की खबर है। इनमें 16 फॉरेनर्स भी शामिल हैं। 40 लोग जख्मी हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बंदूकधारी सांता क्लॉज की ड्रेस में था।

राइफल लेकर लोगों की बीच पहुंचा बंदूकधारी
सीएनएन तुर्की के मुताबिक, ये फायरिंग शहर के रिएना क्लब में हुई। यहां पर नए साल की पार्टी हो रही थी। लोकल टाइम के मुताबिक, रात करीब 1.45 बजे सांता क्लॉज की ड्रेस में एक बंदूकधारी ने राइफल से लोगों पर फायरिंग करनी शुरू कर दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बंदूकधारी ने क्लब में घुसने से पहले पुलिस पर फायरिंग की। बाद वो क्लब में भी अंधाधुंध फायरिंग करने लगा। इस्तांबुल के गवर्नर वासिप साहिन ने बताया, इस हादसे में कुल 35 लोगों की मौत हो गई है। जिसमें एक पुलिस जवान भी शामिल है। हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमले के वक्त क्लब में 700 से 800 लोग मौजूद थे।

इस्तांबुल के गवर्नर ने आतंकी हमला बताया
इस्तांबुल के गवर्नर वासिप साहिन ने इसे एक आतंकी हमला बताया है। टीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि सशस्त्र पुलिस बल ने क्लब को घेर लिया है। वहीं एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंच गई है। घटना के बाद पुलिस ने क्लब के आसपास का करीब 2 किमी का इलाका सीज कर दिया है।

पहले से हाई अलर्ट पर था तुर्की
पिछले कुछ महीनों में हुए आतंकी हमलों के बाद तुर्की पहले से हाई अलर्ट पर था। जिसके लिए न्यू ईयर पर सिर्फ इस्तांबुल में 17 हजार पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई थी।

पहले भी हुए हमले
10 दिसंबर को एक फुटबॉल स्टेडियम के पास हुए दो धमाकों में 44 लोगों की मौत हो गई और 149 जख्मी हो गए। तुर्की के कुर्दिश आतंकी गुट ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस घटना के एक हफ्ते बाद सुसाइड कार ब्लास्ट में 14 पुलिस जवानों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए।

19 दिसंबर को रूसी एम्बेसडर आंद्रेई कार्लोव की एक पुलिस जवान ने उस वक्त हत्या कर दी जब वे एक एग्जीबिशन में थे। जवान ने गोली मारने के बाद सीरिया को लेकर नारे भी लगाए थे। जून में तुर्की के कमाल अतातुर्क एयरपोर्ट पर हुए ट्रिपल सुसाइड धमाके में 47 लोग मारे गए थे।

अगस्त में एक शादी समारोह में हुए आतंकी हमले में 34 बच्चों समेत 57 लोग मारे गए। 15 जुलाई को सेना के एक हिस्से ने तख्तापलट की कोशिश की थी। तुर्की सरकार ने अमेरिका में रह रहे इस्लामिक धर्मगुरु फतेउल्ला गुलेन पर इसका आरोप लगाया था।