लीची के बगीचे से घिरा खूबसूरत शहर है तेजपुर, हनीमून के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन

Daily news network Posted: 2018-04-21 12:57:07 IST Updated: 2018-04-21 13:20:55 IST
लीची के बगीचे से घिरा खूबसूरत शहर है तेजपुर, हनीमून के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन
  • शादी का सीजन तो चल ही रहा है और शादी की तैयारियों के साथ हम अपना हनीमून डेस्टिनेशन भी फाइनल करना चाहते हैं, लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत ये आती है की अगर हमारा बजट कम है और हम इंडिया में ही कहीं घूमने जाते हैं तो कहाँ जाएँ और कैसे पंहुचा जाये वहां तक।

तेजपुर।

शादी का सीजन तो चल ही रहा है और शादी की तैयारियों के साथ हम अपना हनीमून डेस्टिनेशन भी फाइनल करना चाहते हैं तो पूर्वोत्तर के इस शहर न भूले। अगर आपकी नई-नई शादी हुई है या शादी होने वाली है और आप हनीमून पर जाने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपकी मदद कर सकती है। ये परफेक्ट हनीमून डेस्टिनेशन जो आपको परफेक्ट मोमेंट्स देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगा।

 


भारत के पूर्वोत्तर राज्य खूबसूरती के मामले में विदेशों से कम नहीं है। लीची के बगीचे से घिरा खूबसूरत शहर है तेजपुर, जिसे सिटी आॅफ राेमंस यानि माेहब्बत का शहर के नाम से भी जाना जाता है।  आपके हनीमून के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है। सांस्कृतिक धरोहरों के बीच लीची की मिठास इस शहर को  आैर भी ज्यादा मनोरम बनाती है।  तेजपुर राजधानी गुवाहाटी से करीब 180 किलोमीटर दूर स्थिति है। मंदिरों, घाटों और हजारों साल पुरानी स्थापत्य कला के अवशेषों के लिए मशहूर यह शहर असम का पांचवां सबसे बड़ा शहर है। तेजपुर असम का वह छोर है, जिसके आगे से अरुणाचल प्रदेश आरंभ हो जाता है।


घूमने लायक जगह

पोखरी झील


पदुम पोखरी नाम की खूबसूरत झील भी यहां है जिस पर एक खूबसूरत टापू बना है। इस टापू को अब एक पार्क में तब्दील कर दिया गया है। पदुम यानी कमल और पोखरी यानी तालाब। कुछ लोग इसे 'कमल तालाब' भी कहते हैं। इसके अलावा, शहर के बीचों-बीच 'बोर पोखरी' नाम का एक तालाब भी है। और हां, यदि आप यहां आएं तो झील के किनारे टॉय ट्रेन की यात्रा और पैडलिंग का भी आनंद लेना न भूलें। यहां द्वीप पर एक म्यूजिकल फाउंटेन भी है। यहां बजने वाले संगीत और चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण यहां का वातावरण मनोरम हो जाता है।


खास है इस लीची की मिठास


अगर आपने तेजपुर की लीची नहीं चखी, तो क्या चखा! अपने अलग आकार और गहरे लाल रंग की वजह से अलग से पहचान में आने वाली इस लीची को मुंह में डालते ही इसकी मिठास जीभ में घुल जाती है। तेजपुर के पोरोवा गांव में 'लीची पुखुरी' नामक जगह पर पैदा होने वाली इस लीची की देश ही नहीं, विदेश में भी मांग है। तेजपुर की लीची को ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग भी मिल चुका है। इस टैग के मिलने के बाद किसी भी उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल जाती है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि उस उत्पाद को उसी जगह पर उगाया जाए, जहां वह मूल रूप से पैदा होता है। इस तरह तेजपुर की लीची अब दुनियाभर में अपनी मिठास घोल रही है।


अरुणांचल प्रदेश के लिए ट्रांजिट पॉइंट


अरुणांचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटक केंद्रों, जैसे-तवांग, सेला पास, बोमडीला और जीरो वैली जाने का रास्ता तेजपुर से ही होकर गुजरता है। इसलिए इन इलाकों में आने वाले पर्यटक तेजपुर में ठहरना पसंद करते हैं। यहां रुककर आगे का सफर तय करना यात्रा को कुछ आसान बना देता है!


नामेरी नेशनल पार्क


तेजपुर से तकरीबन 35 किलोमीटर की दूरी पर ही नामेरी नेशनल पार्क है। 200 वर्ग किलोमीटर में फैले इस पार्क में हाथियों के साथ-साथ दुर्लभ रॉयल बंगाल टाइगर का भी बसेरा है। यदि आप प्राकृतिक वातावरण में रहने के शौकीन हैं तो यहां कई खूबसूरत रिजॉर्ट भी बने हैं। यदि मछली पकड़ने की शौक है तो इसे भी आप नामेरी नेशनल पार्क में आजमा सकते हैं। यहां बड़ी तादाद में हाथी बसते हैं। अन्य जंगली जानवरों और विलुप्त प्रजातियों के साथ यह पार्क पक्षियों की विविध प्रजातियों के बसेरे के लिए भी प्रसिद्ध है। इस लिहाज से देखें तो यह बर्डवाचर के लिए स्वर्ग है। सफेद पंख वाले बतख, किंगफिशर, आमुर फॉल्कन आदि पक्षियों को यहां देखा जा सकता है। और हां, रिवर राफिटंग करते हुए बर्डवाचिंग करना भी शानदार अनुभव हो सकता है। आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो आप पाएंगे यह पार्क इस लिहाज से आपके अनुकूल है।