एआईसीटीई की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, पूर्वोत्तर में इंजीनियरिंग कॉलेजों की हालत खराब

Daily news network Posted: 2018-03-10 09:56:16 IST Updated: 2018-03-10 09:56:16 IST
एआईसीटीई की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, पूर्वोत्तर में इंजीनियरिंग कॉलेजों की हालत खराब
  • अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की ओर से जारी हालिया रिपोर्ट के आंकड़ों में यह दावा किया गया है कि इंजीनियरिंग की शिक्षा देने वाले देशभर के संस्थानों में 50 फीसदी सीटें खाली हैं

नई दिल्ली।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की ओर से जारी हालिया रिपोर्ट के आंकड़ों में यह दावा किया गया है कि इंजीनियरिंग की शिक्षा देने वाले देशभर के संस्थानों में 50 फीसदी सीटें खाली हैं। पूर्वोत्तर राज्यों की ओर यदि रुख करें तो हालात और भी चिंताजनक हैं। आंकड़ों के अनुसार पूर्वोत्तर राज्यों खासतौर से नागालैंड के इंजीनियरिंग कॉलेजों की 100 फीसदी सीटें खाली हैं। बता दें कि नागालैंड में हाल ही में बीजेपी ने गठबंधन में सरकार बनाई है। ऐसे में वहां के आम निवासियों को बीजेपी से स्थिति में बदलाव करने की उम्मीद है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार यहां ज्यादातर बच्चे मिशनरी स्कूलों में ही पढ़ते हैं, क्योंकि सुदूर इलाकों में सरकारी स्कूल ना के बराबर हैं।


अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 240 सीटों का कोई दावेदार ही नहीं है। परिषद मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत काम करता है और यह देश में तकनीकी शिक्षा को देखता है। जहां एक ओर नागालैंड और मेघालय में इंजीनियरिंग की सबसे ज्यादा सीटें खाली हैं, वहीं मणिपुर में कोई वैकेंसी नहीं है। हालांकि असम के 18 कॉलेजों में 34 फीसदी सीटों पर वैकेंसी है, लेकिन सिक्किम और त्रिपुरा में 40 फीसदी से कम सीटें खाली हैं।


आंकड़ों के अनुसार इन राज्यों के साथ-साथ देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों की हालत ठीक नहीं है, जहां 50 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली ही हैं। राज्यों ने परिषद को यह प्रस्ताव दिया है कि इंजीनियरिंग की सीटों को अब आगे ना बढ़ाया जाए। इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिला बढ़ाने के लिए परिषद ने लड़कियों के लिए स्कॉलरशिप स्कीम जारी की है। साथ ही विकलांग छात्रों को भी तकनीकी शिक्षा में दाखिला लेने पर कुछ छूट मिलेगी।