कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने के लिए ऑनलाइन आवेदन को बचे हैं सिर्फ 10 दिन

Daily news network Posted: 2018-03-14 15:14:34 IST Updated: 2018-03-14 15:50:19 IST
कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने के लिए ऑनलाइन आवेदन को बचे हैं सिर्फ 10 दिन
  • विदेश मंत्रालय द्वारा पिछले महीने जारी की गर्इ सूचना के मुताबिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि में अब मात्र 10 दिन बचे हैं।

नर्इ दिल्ली।

विदेश मंत्रालय द्वारा पिछले महीने जारी की गर्इ सूचना के मुताबिक  कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि में अब मात्र 10 दिन बचे हैं।रजिस्ट्रेशन कराने की तिथि 20 फरवरी से लेकर 23 मार्च तक घोषित की गई है। यानी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आपको 23 मार्च से पहले तक आवेदन करना होगा। बता दें कि यह यात्रा 8 जून से शुरू होकर 8 सितंबर तक चलेगी।


नाथू ला दर्रे से भी जा सकेंगे श्रद्धालु


इस साल ये यात्रा सिक्किम के नाथु ला दर्रे से भी कर सकते हैं। पिछले साल डोकलाम विवाद के कारण चीन ने इस मार्ग से यात्रा पर बैन लगा दिया था। चीन ने इसके पीछे तर्क ये दिया था कि नाथू ला मार्ग पर सुरक्षित और सुचारू यात्रा के लिए स्थिति अच्छी नहीं है। वैसे आपको बता दें कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा के दो पारंपरिक मार्गों में पहला उत्तराखंड का लिपुलेख दर्रा का मार्ग है तो दूसरा सिक्किम का नाथू ला दर्रा। पिछले महीने विदेश राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने कहा था कि चीन और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता के बाद पड़ोसी देश ने नाथू ला दर्रे से यात्रा की अनुमति दे दी है।


 

नाथू ला का रास्ता बुजुर्गों के लिए सही


बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने के लिए नाथू ला दर्रे का रास्ता चुनना चाहिए। हालांकि लिपुलेख दर्रे के मुकाबले इस मार्ग से खर्च थोड़ा ज्यादा आता है, लेकिन गाड़ियों के लिए सुगम रास्ते के कारण बुजुर्गों की दृष्टि से यह मार्ग सही है। विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी में भी कहा गया है कि नाथुला दर्रे वाला मार्ग वाहन चलने लायक है।इस मार्ग से 21 दिनों की इस यात्रा का खर्च करीब 2 लाख रुपए तक आता है।


यात्रा के लिए ये हैं नियम


कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान 19,500 फुट तक की चढ़ाई चढ़नी होती है, जो खराब मौसम में ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर जाती है। एेसे में यात्रा के लिए उन्हीं लोगों का चयन किया जाता है जो शारीरिक और चिकित्सा की दृष्टि से तंदुरुस्त हैं। क्योंकि जो लोग शारीरिक और चिकित्सा की दृष्टि से तंदुरुस्त नहीं हैं उनके लिए यह यात्रा जाेखिम भरी हो सकती है। इसलिए यात्रा से पहले सरकार भी यात्रियों की जांच कराती है और वैसे भी स्वस्थ व्यक्तियों को ही इस यात्रा की सलाह दी जाती है।


विदेशियों के लिए नहीं है अनुमति


मानसरोवर यात्रा की अनुमति विदेशियों को नहीं है, यह यात्रा सिर्फ वही लोग कर सकते हैं जो भारतीय नागरिक हैं।  यात्री के पास इस साल के 1 सितंबर को कम से कम 6 महीने की शेष वैधता का पासपोर्ट होना चाहिए। आवेदकों को 1 जनवरी 2018 तक कम से कम 18 वर्ष का और अधिक से अधिक 70 वर्ष का होना चाहिए। उसका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 या उससे कम होना चाहिए।



यात्रा के लिए चयन प्रक्रिया

कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का चयन विदेश मंत्रालय करता है। मंत्रालय निष्पक्ष तरीके से कंप्यूटर आधारित प्रणाली के अनुसार ड्रॉ से यात्रियों का चयन करता है। चयन के बाद ही यात्रियों को उनका मार्ग और बैच नंबर दिया जाता है। आप अगर अपने किसी परिचित के साथ यात्रा करना चाहते हैं तो दोनों को एक ही बैच में रखने का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि यह विदेश मंत्रालय तय करेगा कि दोनों यात्रियों का बैच एक रखा जाए या नहीं। कंप्यूटरीकृत ड्रा में आपका नाम आने पर आपको ई-मेल आईडी या मोबाइल नंबर पर सूचना दी जाएगी। वैसे मंत्रालय इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी करता है, जिस पर फोन कर आप ड्रॉ में अपने नाम होने या न होने की जानकारी ले सकते हैं।