बिप्लव का आरोप: त्रिपुरा में हिंसा के पीछे माकपा का हाथ

Daily news network Posted: 2018-04-16 14:52:16 IST Updated: 2018-04-16 18:05:11 IST
  • देव ने कहा जब दो दिन पहले वाम मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला तो उन्होंने उनसे यह बात कही थी।

अगरतला।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगभग दो महीनों से हो रही हिंसा के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ होने से इनकार करते हुए आज कहा कि हिंसा फैलाने के लिए माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और अन्य राजनीतिक दलों के लोग जिम्मेदार हैं। देव ने कहा जब दो दिन पहले वाम मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला तो उन्होंने उनसे यह बात कही थी। 



उन्होंने कहा पुलिस के पास हिंसा की शिकायत दर्ज करायी गयीं थी, आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की गयीं थी, लेकिन वाम मोर्चा ने दावा किया कि पुलिस रिपोर्ट को नहीं मानती। देव ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सभी प्रयोजन में कानून का उल्लंघन नहीं किया जाएगा और पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा जो भी छिटपुट हिंसा की रिपोर्ट मिल रही हैं वे राजनीति से प्रेरित नहीं है और हिंसा निजी शत्रुता के कारण हुई हैं। पार्टी रिपोर्ट के अनुसार चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जो भी हिंसा हो रही हैं, वह माकपा करवा रही है और भाजपा को बदनाम करने के लिए हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। 



बता दें कि वाम मोर्चा के संयोजक बिजन धर ने कहा कि मोर्चे के पांच सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देव से मिला और आरोप लगाना बंद करते हुए राज्य में विपक्षी पार्टी और ट्रेड यूनियन कार्यालयों पर हो रहे हमले को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की। वामपंथी नेताओं ने राज्य में भाजपा और आईपीएफटी समर्थकों द्वारा चुनाव के बाद हमलों की तीन सूचियों को प्रस्तुत किया। सूची में तीन मार्च से पार्टी के 438 कार्यालयों में हमले किये गये जिनमें से 93 मामलों में आगजनी, फिरौती के 230 मामले, 52 मामले बंद के और 63 पार्टी कार्यालयों में कब्जे के हैं। वाम मोर्चा ने दावा किया है कि मोर्चा के 1700 से ज्यादा घरों पर भी हमला किया गया।


 


इससे पहले नवनिर्वाचित त्रिपुरा सरकार माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने गंभीर आरोप लगाया था। उनका आरोप है कि त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी सरकार हिंसा के जरिए विपक्षी दलों को दबाने की कोशिश कर रही है। करात ने पश्चिम त्रिपुरा जिले के जिरानिया, खायरपुर, रानीबाजार और मांडवई का दौरा किया था,  जहां सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विपक्षी वाम दलों के कार्यकर्ताओं और दफ्तरों पर कथित तौर पर हमला किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि नई सरकार हिंसा के जरिये विपक्षी दलों को दबाने की कोशिश कर रही है। आज मैं जिन क्षेत्रों में गया, उन क्षेत्रों में एक भी पार्टी दफ्तर ऐसा नहीं है जो खुला हो और वहां कामकाज चल रहा हो।