असम को केंद्र की सौगात, तीन साल तक सालाना 100 करोड़ रुपये देने का फैसला

Daily news network Posted: 2018-03-09 17:02:18 IST Updated: 2018-03-09 17:23:53 IST
असम को केंद्र की सौगात, तीन साल तक सालाना 100 करोड़ रुपये देने का फैसला
  • नागर विमानन सचिव राजीव नारायण चौबे ने चार दिनी अंतर्राष्ट्रीय उड्डयन शिखर सम्मेलन विंग्स में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा,“असम को तीन साल तक सालाना 100 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है

गुवाहाटी।

नागर विमानन सचिव राजीव नारायण चौबे ने चार दिनी अंतर्राष्ट्रीय उड्डयन शिखर सम्मेलन विंग्स में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा,“असम को तीन साल तक सालाना 100 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है ताकि असम से अंतरराष्ट्रीय दक्षिण पूर्वी एशियाई बाजारों में अंतरराष्ट्रीय संचालन शुरू किया जा सके।” चौबे ने कहा कि उड़ान एक एेसा मंच बन चुका है जहां हमारे पास विशेषज्ञता और क्षमता दोनों है। इसके अलावा राजीव नारायण चौबे ने कहा, “यदि राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करना चाहती है, तो केंद्र सरकार एक मंच देगी।”


नागरिक उड्डयन सचिव ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी चुनौती आज तेजी से विस्तार करने वाली भारतीय विमानन बाजार में है, जो करीब 18 फीसदी से बढ़ रही है। AAI (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने हवाई अड्डों के विस्तार के लिए अगले चार वर्षों में 18,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत योजना बनाई है। सरकार कुछ महत्वपूर्ण बदलावों को देख रही है, जिस तरह से हवाई अड्डों को बोली लगाई जाती है और जिस तरह से रियायत समझौते निवेशकों के साथ संरचित होते हैं।


चौबे ने बताया कि सरकार ने निवेशकों के अनुकूल बनाने के लिए हवाई अड्डों के लिए रियायत मॉडल को दोहराया है। उन्होंने बताया कि यह संशोधित मॉडल 6 महीनों में सामने आ जाएगा। सचिव ने कहा कि दूसरी बात यह है कि मंत्रालय ने AAI के अधिनियम में संशोधन किया है। इस साल बजट में सरकार ने घोषणा की कि, AAI की बैलेंस शीट लीवरेज और मुद्रीकरण करें ताकि एएआई की सामान्य पूंजीगत व्यय कम से कम पांच गुना तक बढ़ जाए।


AAI को हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के लिए हर साल कम से कम 15,000 करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत है और हम परिसंपत्ति मुद्रीकरण के लिए एक टेम्पलेट देख रहे हैं और एएआई की बैलेंस शीट का लाभ उठा रहे हैं ताकि पर्याप्त पैसा मिल सके और हवाई अड्डे के विकास में कोई रुकावट न आये।

बता दें कि इस योजना केे तहत अब देश के आम नागरिक सब्सिडी दर के साथ विदेश की उड़ान भी भर सकेंगे। राज्य सरकारों के पास अब इस बात का विकल्प होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सब्सिडी दे सकें जहां से बाज़ार बड़े होने की उम्मीद है। यह उड़ान योजना के दूसरे फेज के साथ शुरू होगा।