राम माधव का दावा, त्रिपुरा में नहीं तोड़ी गई किसी की भी मूर्ति

Daily news network Posted: 2018-03-09 16:28:04 IST Updated: 2018-03-09 16:28:04 IST
राम माधव का दावा, त्रिपुरा में नहीं तोड़ी गई किसी की भी मूर्ति
  • त्रिपुरा में मूर्तियों के साथ तोडफ़ोड़ की घटनाओं के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव का बयान सामने आया

अगरतला।

त्रिपुरा में मूर्तियों के साथ तोडफ़ोड़ की घटनाओं के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव का बयान सामने आया है। राम माधव ने दावा किया है कि त्रिपुरा में किसी भी मूर्ति को नहीं तोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि बेलोनिया में कॉलेज चौक पर लगाई गई रूसी कम्यूनिस्ट नेता लेनिन की मूर्ति एक निजी संपत्ति पर थी। उसे केवल हटाया गया है। इस पूरे विवाद की शुरुआत त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति बुलडोजर से गिराए जाने के बाद हुई थी।


राम माधव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि त्रिपुरा में कोई मूर्ति नहीं तोड़ी गई। यह दुष्प्रचार हो रहा है। एक प्राइवेट प्रॉपर्टी में जिन्होंने मूर्ति लगाई, उन्होंने हटाई है। तोडफ़ोड़ नहीं हुआ है। तोडफ़ोड़ बंगाल में हो रही है। ममता अपने राज्य की चिंता करें। देश की चिंता बाद में करें।


इससे पहले लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने के बाद राम माधव ने ट्वीट कर कहा था कि लोग लेनिन की मूर्ति गिरा रहे हैं, रूस में नहीं, त्रिपुरा में ( चलो पलटाई)। इस ट्वीट का आलोचना होने के बाद राम माधव ने उसे डिलीट कर दिया, लेकिन इसके अगले दिन उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराए जाने का समर्थन किया। इसके पीछे उन्होंने दलील दी कि क्योंकि वह मूर्ति पब्लिक प्रॉपर्टी नहीं थी, इसलिए उसे गिराया जाना गलत नहीं है। इससे पहले सबरूम मोटर स्टैंड से पहले त्रिपुरा के बेलोनिया टाउन में कॉलेज स्क्वेयर पर लगी प्रतिमा को भी बुलडोजर की मदद से गिरा दिया गया था।


राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद हुई इस कार्रवाई के बाद तमाम वामपंथी दलों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए बीजेपी पर राज्य में भय फैलाने का आरोप लगाया था। इसके बाद देश में कई जगहों पर पेरियार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और बापू की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाएं हुईं। पीएम मोदी ने इन घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताई थी। गृह मंत्रालय ने मूर्तियों की सुरक्षा के लिए निर्देश जारी किए थे।