दत्ता के ICU में भर्ती होने की फैलाई थी अफवाह, CPM ने नहीं दिया था टिकट, पार्टी छोड़ी

Daily news network Posted: 2018-04-20 17:03:53 IST Updated: 2018-04-20 21:32:46 IST
  • त्रिपुरा में कम्युनिस्ट पार्टी के कद्दावर नेता विश्वजित दत्ता ने गुरुवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। जो पिछले कुछ समय से उनके खिलाफ किए षड्यंत्र के विरोध में थे।

त्रिपुरा में कम्युनिस्ट पार्टी के कद्दावर नेता विश्वजित दत्ता ने गुरुवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। जो पिछले कुछ समय से उनके खिलाफ किए षड्यंत्र के विरोध में थे।


68 वर्षीय दत्ता सीपीआई (एम) के खोवाई जिला समिति सचिव हैं। खोवाई जिले में अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दत्ता ने कहा कि पार्टी के नेताओं ने 18 फरवरी के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी बीमारी को लेकर झूठ बोला था, जिसके कारण वह चुनाव लड़ नहीं सके थे।


बता दें कि खोवाई विधानसभा क्षेत्र में सीपीएम उम्मीदवार की घोषणा की गई लेकिन दत्ता को उनकी कथित गंभीर बीमारी के कारण एक युवा नेता को टिकट दे दिया गया था। दत्ता ने कहा कि उन्हें कुछ बीमारियों के लिए 28 जनवरी को गोबिंद बल्लभ पंत (जीबीपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन पार्टी नेता सुभेंदु बिकैश डे ने झूठा दावा किया कि वह गंभीर रूप से बीमार थे और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था।


इस सीट से दत्ता की जगह युवा नेता निर्मल विश्वास को टिकट दिया गया था। जिन्होंने 2,700 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। 1964 से कम्युनिस्ट पार्टी में रहने वाले विश्वजित दत्ता ने कहा कि इन दिनों पार्टी में बात करने के लिए कोई जगह नहीं थी।


उन्होंने कहा कि मुझे राज्य समिति के साथ मतभेद है। मैं कई मुद्दों पर बात करना चाहता था। इसके लिए मैंने पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार से भी संपर्क किया लेकिन वे भी मुझसे बात नहीं किए।


जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सीपीआई(एम) के सत्ता से बाहर होने के कारण इस्तीफा देने का फैसला किया है, तो उन्होंने अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे समय में राजनीति शुरू की थी जब वाम दल सत्ता में नहीं थी। दत्ता ने कहा, 'हमने 1988 से कांग्रेस-टीयूजेएस गठबंधन शासन का सामना किया है। जो कि वर्तमान बीजेपी-आईपीएफटी सरकार के शासन से कहीं ज्यादा बदतर थी।'



वहीं, बीजेपी प्रवक्ता मृणाल कांती देब ने एक ट्वीट करके उन्हें सीपीआई(एम) छोड़ने पर बधाई दी और कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी संस्थापक नेताओं का सम्मान नहीं करती है। 'बधाई, श्री दत्ता। अंत में आप पार्टी से बाहर आ गए हैं, जो संस्थापक सदस्यों को सम्मान देने के बारे में नहीं जानता।'



बाद में, सीपीएम के राज्य सचिव बिजन धर ने कहा कि उन्होंने विश्वजित दत्ता के इस्तीफे के बारे में सुना था लेकिन इस मामले पर कुछ भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।