असम सहित कई राज्यों के एटीएम में नकदी का संकट, 2000 रुपए के नोटों की किल्लत

Daily news network Posted: 2018-04-17 12:07:41 IST Updated: 2018-04-17 12:07:41 IST
असम सहित कई राज्यों के एटीएम में नकदी का संकट, 2000 रुपए के नोटों की किल्लत
  • असम सहित देश के कई राज्यों में कैश किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं।

ब्लैक मनी खत्म करने के लिए की गई नोटबंदी के बाद जारी 2000 रुपए के नोट पर भी क्या कालेधन के कारोबारियों ने कुंडली मार ली है? या रिजर्व बैंक ने ही बड़े नोटों की सप्लाई कम कर दी है? 2000 रुपए के नोटों की कमी चर्चा का विषय बना हुई है। असम सहित देश के कई राज्यों में कैश किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं।  मध्य प्रदेश में तो स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके पीछे साजिश की आशंका जाहिर करते हुए जांच की बात कही है। 



रिजर्व बैंक के सूत्रों ने कैश न होने की वजह बताते हुए कहा है कि असम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थानए, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में लोगों जरूरत से ज्यादा कैश निकाला है, जिसकी वजह से यह संकट खड़ा हो गया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक देश के कई राज्यों में बैसाखी, बिहू और सौर जैसे त्योहार होने के कारण लोगों ने ज्यादा कैश निकाला था। लोग कैश जमा न करने लगें और अफरा-तफरी न मचे इसके लिए वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक के अधिकारियों के साथ बैठक की है।  



सूत्रों का कहना है कि कैश की उपलब्धता में ऐसे उतार चढ़ाव आते रहते हैं। उदाहरण के लिए असम में शनिवार को बिहू त्योहार होने के कारण लोगों ने कुछ दिनों पहले ही कैश काफी ज्यादा निकाल लिया था।  इसलिए दूसरे कुछ राज्यों में आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी थी। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि अब आपूर्ति सामान्य हो गई है और हालात जल्दी ही सामान्य हो जाएंगे। 



कुछ मीडिया रिपोट्र्स में कहा गया है कि बैंक शाखाओं और करंसी चेस्ट में भी 2000 रुपए के नोटों की आवक लगातार कम हो रही है। आरबीआई ने नोटबंदी के बाद करीब 7 लाख करोड़ रुपए मूल्य के 2000 रुपए के नोट जारी किए थे। जुलाई में बैंकों में इन नोटों की संख्या करीब 35 फीसदी थी, जो नवंबर 2017 तक घटकर 25 फीसद हो गई। बैंकों से जमा नकदी रोजाना औसतन 14 करोड़ से घटकर 4 करोड़ रह गई है।


केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि कुछ राज्यों में सर्कुलेशन ठीक तरह से नहीं होने की वजह से परेशानी आई है। रिजर्व बैंक ने एक कमेटी बनाकर नकदी संकट को खत्म करने के लिए काम शुरू कर दिया है। एक राज्य से दूसरे राज्य को कैश ट्रांसफर किया जा रहा है। यह परेशानी दो दिन में खत्म हो जाएगी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गुजरात में भी बैंकों में नकदी की किल्लत हो रही है। करीब 10 दिन पहले यह परेशानी उत्तर गुजरात से शुरू हुई, लेकिन अब पूरे राज्य में इसका असर है। यहां तक कि बैंकों ने नकदी निकालने की सीमा तय कर दी है। ज्यादातर एटीएम में पैसा नहीं है। शादी और किसानों को फसल के भुगतान का वक्त होने की वजह से लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।