मोदी सरकार ने बेटियों के लिए उठाया शानदार कदम, आप भी करेंगे सलाम

Daily news network Posted: 2018-04-24 11:59:04 IST Updated: 2018-04-24 12:16:11 IST
मोदी सरकार ने बेटियों के लिए उठाया शानदार कदम, आप भी करेंगे सलाम
  • सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय ने पहली बार सैनिक स्कूल के दरवाजे लड़कियों के लिए खोले हैं।

नई दिल्ली

सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय ने पहली बार सैनिक स्कूल के दरवाजे लड़कियों के लिए खोले हैं। मिजोरम के सैनिक स्कूल में इस साल 6 लड़कियों को दाखिला दिया गया है। यह रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले किसी भी सैनिक स्कूल में लड़कियों को मिला पहला दाखिला है। 




सूत्रों के मुताबिक, इसकी शुरुआत पायलट प्रॉजेक्ट के तहत की गई है और अगर यह सफल रहा तो दूसरे सैनिक स्कूलों को भी लड़कियों के लिए खोला जा सकता है। बता दें कि ऐसी ही एक पहल यूपी सरकार ने भी की है जिसने यूपी प्रदेश सैनिक स्कूल में छात्राओं को प्रवेश दिया है। क्लास 9 के 2018-19 शैक्षिक सत्र में 15 छात्राओं को दाखिला दिया गया है।


रक्षा मंत्रालय की तरफ से मिजोरम में सैनिक स्कूल दो साल पहले ही बनाया गया है। यहां सिर्फ छठी और सातवीं की पढ़ाई हो रही है। 6 लड़कियों का दाखिला छठी क्लास में हुआ है। जब सैनिक स्कूल ने लड़कियों को भी दाखिला देने का ऐलान किया तो कुल 29 लड़कियों ने एडमिशन फॉर्म भरा, जिनमें 21 लड़कियों ने टेस्ट दिया था। 



यहां क्लास में कुल 60 स्टूडेंट हैं और इसमें से 10 प्रतिशत लड़कियों को देने का फैसला लिया गया। इसलिए इस बार 6 लड़कियों को एडमिशन दिया गया और 54 स्टूडेंट लड़के हैं। सूत्रों का कहना है कि लड़कियों को एडमिशन देने से पहले उनके लिए अलग हॉस्टल और जरूरी सुविधाएं तैयार करने की जरूरत थी और इसलिए अभी कम संख्या में लड़कियों को दाखिला मिला है। यह सफल रहा तो मुमकिन है कि अगले साल कुछ और सैनिक स्कूलों में भी इसी पैटर्न को अपनाया जाएगा।  देशभर में रक्षा मंत्रालय के 26 सैनिक स्कूल हैं। इन स्कूलों का मकसद पढ़ाई के साथ ही स्टूडेंट्स को अनुशासन सिखाना और उनमें देशभक्ति की भावना जगाना है। उन्हें 



उल्लेखनीय है कि 2016 में वायु सेना ने फाइटर जेट पायलट के लिए महिलाओं के पहले बैच को शामिल किया था। आर्मी इस साल से कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस (सीएमपी) में महिलाओं की भर्ती शुरू कर देगी। यानी आर्मी में ऑफिसर रैंक के अलावा भी महिलाओं की भर्ती होगी। पहले साल करीब 800 महिलाओं को शामिल करने की योजना है।