सिक्किम और भूटान की बिजली से रौशन होगी दिल्ली

Daily news network Posted: 2018-03-13 14:48:55 IST Updated: 2018-03-13 15:50:48 IST
सिक्किम और भूटान की बिजली से रौशन होगी दिल्ली
  • दिल्ली को गर्मी के दिनों में बिजली कटौती से बचाने के लिए सिक्किम और भूटान से बिजली ली जाएगी। इसके लिए BSES ने भूटान और सिक्किम से बिजली लेने का फैसला किया है।

गंगटोक।

दिल्ली को गर्मी के दिनों में बिजली कटौती से बचाने के लिए सिक्किम और भूटान से बिजली ली जाएगी। इसके लिए BSES ने भूटान और सिक्किम से बिजली लेने का फैसला किया है। इस साल की गर्मी को लेकर तैयार हुए समर एक्शन प्लान के तहत  BSES ने बिजली की भरपाई की पूरी तैयारी कर ली है।


BSES ने अपने 40 लाख उपभोक्ताओं को गर्मियों में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली की अनुमानित मांग के हिसाब से उसकी पूरी व्यवस्था कर ली है। पावर परचेज अग्रीमेंट्स के तहत, BSES को हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, केरल, मेघालय व सिक्किम से बिजली मिलेगी।


यही नहीं, BSES ने सरहद पार, भूटान से भी बिजली खरीद का समझौता किया है। वहां से भी गर्मियों के दौरान BSES को बिजली मिलेगी। बिजली खरीद समझौतों के तहत, BSES को हिमाचल प्रदेश से 425 मेगावॉट, उत्तर प्रदेश से 72 मेगावॉट, आंध्र प्रदेश से 50 मेगावॉट, सिक्किम से 50 मेगावॉट और तमिलनाडु से 25 मेगावॉट बिजली मिलेगी। BSES को भूटान से भी 40 मेगावॉट बिजली मिलेगी।


BSES के मुताबिक पावर बैंकिंग के तहत, BSES को गर्मियों के दौरान 665 मेगावॉट बिजली मिलेगी। पावर बैंकिंग वह सिस्टम है, जिसके तहत BSES सर्दियों के दौरान ठंडे प्रदेशों को बिजली देती है और ठंडे प्रदेश उतनी ही बिजली गर्मियों में BSES को वापस कर देते हैं।


दरअसल, सर्दियों में दिल्ली में बिजली की मांग उतनी नहीं होती, जबकि ठंडे प्रदेशों में बिजली की पीक डिमांड सर्दियों के दौरान ही आती है। इसके उलट, गर्मियों में दिल्ली में बिजली की मांग काफी बढ़ जाती है और ठंडे प्रदेशों में कम हो जाती है।


पावर बैंकिंग के तहत, BRPL को 250 मेगावॉट तक और BYPL को 275 मेगावॉट तक बिजली मिलेगी। इसके अलावा, BSES को 170 मेगवॉट अक्षय ऊर्जा मिलेगी। बीआरपीएल को 150 मेगवॉट अक्षय ऊर्जा हिमाचल प्रदेश से और बीवाईपीएल को 20 मेगवॉट अक्षय ऊर्जा राजस्थान से मिलेगी। अगर आकस्मिक तौर पर बिजली की जरूरत बढ़ी, तो पावर एक्सचेंज से शार्ट टर्म आधार पर उसकी व्यवस्था की जाएगी।