असम : नौकरी को स्थाई करने की मांग, एसपीओ जवानों ने की खुदकुशी की कोशिश

Daily news network Posted: 2018-04-24 12:55:49 IST Updated: 2018-04-24 12:55:49 IST
असम : नौकरी को स्थाई करने की मांग,  एसपीओ जवानों ने की खुदकुशी की कोशिश
  • स्थायी नौकरी की मांग को लेकर सोमवार को 272 स्पेशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) के जवानों ने सराईघाट में बने नए पुल पर सुबह 10.30 बजे से आन्दोलन किया । इस दौरान एसपीओ जवानों ने पुल से ब्रह्मपुत्र नदी में छलांग लगाकर खुदकुशी की कोशिश भी की ।

मालीगांव

 स्थायी नौकरी की मांग  को लेकर सोमवार को 272 स्पेशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) के जवानों ने सराईघाट में बने नए पुल पर सुबह 10.30 बजे से आन्दोलन किया । इस दौरान एसपीओ जवानों ने पुल से ब्रह्मपुत्र नदी में छलांग लगाकर खुदकुशी की कोशिश भी की ।





हालाकि मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया । सूत्रों ने बताया कि एसपीओ जवानों का पुल  से नदी में कूदना उनके आंदोलन का हिस्सा भर मात्र था । उलेखनीय है कि सराईघाट पुल  पुरे पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ता है । जिसके चलते इस पुल से होकर 24 घंटे भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है । 





एसपीओ जवानों के आन्दोलन के चलते पुल पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया । यह जाम लगभग 3 घंटे तक लगा रहा, जिसके चलते जाम बढ़ते-बढ़ते  कई किलोमीटर तक फैल गया । उल्लेखनीय है कि राज्य के पहाड़ी जिले डिमा हसाउ में जिस समय विद्रोह चरम पर था, उस समय राज्य सरकार ने अस्थायी तौर पर सोशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) का गठन कर जवानों को बाकायदा प्रशिक्षण देकर उन्हें सुरक्षा बलों के साथ मदद के लिए तैनात किया था। 






हालांकि उनकी नौकरी स्थाई नहीं की गई थी। बाद में राजनीतिक कारणों से सत्ता में बैठे नेता एसपीओ की नौकरी के नियमित करने का सिर्फ मौद्रिक आश्वासन देते रहे, लेकिन इसको लेकर किसी भी सरकार ने कुछ नहीं किया । एसपीओ जवान पिछले 10 वर्षो से समय-समय पर आन्दोलन करते हुए सरकार से नौकरी को स्थाई  करने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। जिसके मद्देनज़र सोमवार को 272 एसपीओ जवान नौकरी स्थायीकरण की मांग को लेकर सराईघाट पुल पर एकत्र हुए ।






 उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे ब्रहमपुत्र नदी में छलांग लगाकर अपनी जान दे देंगे । राज्य के विभिन्न जिलों से एसपीओ जवान सुबह कामाख्या रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से पहुंचे थे । वहां से वे एक बस में सवार होकर सादे पोशाक में सराईघाट पुल पर पहुंचे । बस से उतरने के बाद सभी 272 एसपीओ जवान बाकायदा खाकी ड्रेस पहनकर आन्दोलन करने लगे । अपने आंदोलन की जानकरी एसपीओ जवानों ने मीडिया को पहले ही दे रखी थी , जिसके चलते मौके पर काफी संख्या में मीडिया का भी जमाबड़ा  लग गया ।






 पुल पर एसपीओ जवानों द्वारा आन्दोलन शुरू करने के चलते भारी ट्रैफिक जाम लग गया । यहां मीडिया की मौजूदगी में 10 से अधिक एसपीओ जवान पुल से  नदी में छलांग लगाने की कोशिश करते नजर आए । सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवानों ने आंदोलनकारियों को घेर  लिया । इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ आंदोलनकारियों की धक्का-मुक्की भी हुई । जिसके चलते सुरक्षा बलों ने हल्का बल प्रयोग भी किया । जिसके चलते कई आंदोलनकारी घायल भी हो गए।





 जिसके बाद स्थिति थोड़ी काबू में तो आई लेकिन पूरी तरह से स्थिति सामान्य नहीं हुई । आंदोलनकारियों ने पुल पर एक हिस्से में बैठकर अपना आन्दोलन जारी रखा । इस बीच ट्रैफिक पुलिस काफी देर के बाद जाम को खुलवाने में सफ़ल हुई । उधर आंदोलनकारियों के रोकने के लिए पुल पर जहां पुलिस व केन्दीय अर्धसैनिक बल के जवान तैनात थे । वहीं नदी में नदी पुलिस, एसडीआरफ, एनडीआरएफ के जवान भी काफी संख्या में मौजूद थे । सूचना मिलने के बाद दोपहर के समय अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पुलक महंत ने घटनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की । उसके बाद एसपीओ जवानों ने अपना आन्दोलन 5 मई तक के लिए स्थगित कर दिया । 






जवानों ने पुलिस प्रशासन के हाथों अपनी मांगो  के संदर्भ में मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को एक ज्ञापन भी सौंपा । इस संदर्भ में एसपीओ mजवानों का कहना है कि वे और उनके परिवार वाले बहुत ही कठिनाई से अपना गुजारा कर पा रहे  है । पिछले वर्ष वर्षो से वे अपनी नौकरी को नियमित करने की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे  रही है । 






अब उनके सामने अपना परिवार चलाना मुश्किलहो गया । उन्होंने कहा कि अब हमरि सामने आत्महत्या करने के सिवाय अन्य कोई चारा नहीं बचा है । एसपीओ जवानों ने मुख्यमंत्री से इस विषय पर विचार विमर्श करने की मांग  की  है । उन्होंने कहा कि सरकार अगर हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है तो 5 मई के बाद पुन: वे और जोरदार तरीके से अपना आन्दोलन आरंभ करेंगे ।