अरुणाचल हेलीकॉप्टर दुर्घटना से सबक लेते हुए DGCA ने राज्यों को VIP उड़ानों के प्रति किया आगाह

Daily news network Posted: 2018-04-20 14:23:54 IST Updated: 2018-04-20 17:16:36 IST
अरुणाचल हेलीकॉप्टर दुर्घटना से सबक लेते हुए DGCA ने राज्यों को VIP उड़ानों के प्रति किया आगाह
  • 2015 में अरुणाचल प्रदेश में हुई पवन हंस हेलीकॉप्टर दुर्घटना से सबक लेते हुए डीजीसीए ने राज्य सरकारों को आगाह किया है।

नर्इ दिल्ली।

2015 में अरुणाचल प्रदेश में हुई पवन हंस हेलीकॉप्टर दुर्घटना से सबक लेते हुए डीजीसीए ने राज्य सरकारों को आगाह किया है। डीजीसीए ने राज्य सरकारों से कहा है कि वीआइपी उड़ानों में हेलीकॉप्टरों व छोटे विमानों के इस्तेमाल से पहले विमान सुरक्षा से संबंधित समस्त पहलुओं की पूरी पड़ताल सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन होने पर ऑपरेटरों और पायलटों के लाइसेंस सस्पेंड अथवा रद्द भी किये जा सकते हैं। इस संबंध में डीजीसीए ने 24 मार्च, 2014 के एयर सेफ्टी सर्कुलर में संशोधन करते हुए 10 अप्रैल, 2018 को नया सर्कुलर जारी किया गया है।



सर्कुलर के नियमों का करना होगा पालन

बता दें कि नए सर्कुलर के मुताबिक राज्य सरकारों के ऐसे सभी विभाग तथा उनमें काम करने वाले जिम्मेदार प्रबंधक, जिनका संबंधी वीआइपी उड़ानों के बंदोबस्त से है, उन्हें उस सर्कुलर में उल्लिखित निर्देशों के अलावा गृह मंत्रालय के 1981 के दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा उन्हें पायलटों तथा हेलीकॉप्टर और चार्टर्ड विमानों का संचालन करने वाली एजेंसियों के इंजीनियरिंग तथा आपरेशन के कार्य से जुड़े कर्मचारियों को भी नियमित रूप से इन निर्देशों की जानकारी देनी होगी।


उड़ान से पहले उन्हें यह देखना होगा कि विमान तथा हेलीकॉप्टर पूरी तरह फिट है और उड़ान संबंधी समस्त आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है। दुबारा ईधन भरने की जरूरत पड़ने पर ईधन उपयुक्त क्वालिटी चेक करनी होगी। उड़ान के पहले आपरेटर को भी विमान की फिटनेस और प्रक्रियाओं के अनुपालन के बारे में सुनिश्चित होना चाहिए।


उड़ान से पहले होगी पायलटों की मेडिकल जांच


सर्कुलर में अन्य बातों के अलावा उड़ान से पहले पायलटों की समुचित मेडिकल जांच तथा विमान के कुल वजन की समुचित माप को आवश्यक बताते हुए इसका कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। डीजीसीए की ओर से जारी निर्देश में चेतावनी दी गई है कि इन निर्देशों का अनुपालन नहीं होने की स्थिति में आपरेटर तथा पायलटों का लाइसेंस निश्चित समय के लिए निलंबित अथवा स्थायी रूप से रद किया जा सकता है।


अरुणाचल हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जांच रिपोर्ट जारी


गौरतलब है कि 2015 में अरुणाचल प्रदेश में हुई पवन हंस हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना की जांच रिपोर्ट हाल में जारी हुई है। रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश के नागरिक विमानन विभाग की लापरवाही को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माना गया है। विभाग डीजीसीए के नियमों का उल्लंघन कर अपने मन से हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन कर रहा था। उसके पास न हो हेलीकॉप्टरों की उड़ान से संबंधित कोई ढांचा था और न ही आवश्यक मानक प्रक्रियाओं की कोई जानकारी नहीं थी।