सरकार की गलतियों पर शोर मचाएं पर अच्छे काम की प्रशंसा भी हो: सोनोवाल

Daily news network Posted: 2018-04-15 15:31:45 IST Updated: 2018-04-15 15:31:45 IST
सरकार की गलतियों पर शोर मचाएं पर अच्छे काम की प्रशंसा भी हो: सोनोवाल
  • मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने मीडिया से रचनात्मक आलोचना करने और सरकार की कमियों पर पैनी नजर रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की गलतियों को किसी भी मोर्चे पर नजरअंदाज नहीं करें।

गुवाहाटी।

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने मीडिया से रचनात्मक आलोचना करने और सरकार की कमियों पर पैनी नजर रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की गलतियों को किसी भी मोर्चे पर नजरअंदाज नहीं करें। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे कार्य करने वालों की प्रशंसा भी होनी चाहिए, क्योंकि इससे उत्साह बढ़ता है और नई पीढ़ी को कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरणा मिलती है। 




जनसंपर्क विभाग की ओर से संवादकर्मियों को पहचान पत्र देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए काम कर रही है और इसमें लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया की अहम भूमिका है। मीडिया का काम सरकार के दायित्व को याद दिलाना है और जब मीडिया अपना काम सही तरीके से करती है तो लोकतंत्र मजबूत होता है। जनसंपर्क विभाग की ओर से पिछले 28 साल में जितने पत्रकारों को पहचान पत्र दिए गए, उससे कहीं ज्यादा 153 पत्रकारों को एक साथ पहचान पत्र देते हुए मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि वे बड़ी ईमानदारी से   भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए काम कर रहे हैं और मीडिया को चाहिए कि सरकार की कमियों को समाज के सामने रखते हुए यह न सोचें कि किसे अच्छा लगेगा और किसे बुरा। 






सोनोवाल ने कही कि पिछले दो साल में राज्य सरकार ने जो काम किया है वह सबसे सामने है और अगर कोई अच्छा काम करता है तो उसकी प्रशंसा भी होनी चाहिए। ऐसा होने से अच्छा काम करने वाले लोगों को उत्साह बढ़ता है और नई पीढ़ी के लोग अच्छे काम के लिए प्रेरित होते हैं। मुख्यमंत्री ने कही कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर पंचायत कार्यालय तक भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना होगा और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी होती है तो मीडिया शोर मचाए। सरकार को जनता की अपेक्षा पर खड़ा उतरने के लिए मीडिया से सहयोग मांगते हुए सोनोवाल ने कहा कि उनकी सरकार से जनता को बहुत अपेक्षा है और वो सरकार में बैठे लोगों पर कड़ी नजर रखकर इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज की बात करने वाला खुद भ्रष्टाचार से दूर है या नहीं।