आजादी के बाद से अंधेरे में था यह गांव,IIT गुवाहाटी ने किया रोशन

Daily news network Posted: 2018-04-18 15:29:19 IST Updated: 2018-04-18 15:29:19 IST
आजादी के बाद से अंधेरे में था यह गांव,IIT गुवाहाटी ने किया रोशन
  • असम में इन दिनों बिहू की धूम है और इस त्यौहार को और भी खास बना दिया है आईआईटी गुवाहाटी की तकनीकी टीम ने जी हां छात्रों

गुवाहाटी

असम में इन दिनों बिहू की धूम है और इस त्यौहार को और भी खास बना दिया है आईआईटी गुवाहाटी की तकनीकी टीम ने जी हां छात्रों ने असम के कामरूप जिले सबसे पुराने गांव अम्तौला की सड़कों को रोशनी से जगमगा दिया। सालों बाद सड़को पर जलती लाइटो को देखकर लोग खुशी से झूम उठे। छात्रों ने इस अविकसित गांव के लिए बिहू को उज्ज्वल बना दिया है।


मछुआरों का यह गांव अम्तौला और इसके आस पास के गांव लम्बे समय से बाढ़ का प्रकोप झेलते आ रहे हैं। इसके साथ ही इस गांव के लोग लम्बे समय से बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे हैं। लेकिन जिस तरह  सौर ऊर्जा से आईआईटी के छात्रों ने इस गांव में उजाला भरा उससे ग्रामीणों में उम्मीद की एक नई किरणों का संचार हुआ है।


आईआईटी गुवाहाटी की टकनीकि टीम ने स्वेच्छा से 25 हजार रुपए की लागत से पूरे गांव में पांच सौर लाइट्स लगाए हैं एक स्थानीय युवक बिगियात दास ने मीडिया को बताया कि "हम आईआईटी गुवाहाटी के छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, जिन्होंने हमारे गांव अम्तोला की अंधेरी सड़कों को रोशनी से भर दिया और हमारे दर्द को समझा। आजादी मिलने के इतने समय बाद किसी भी सरकार ने इस ओर ध्यान नही दिया राजधानी गुवाहाटी के नजदीक होने के बावजूद भी यह गांव अंधेरे से जूझता रहा है । लेकिन आईआईटी गुवाहाटी के छात्रों की मदद से गांव में बिजली आई जिसके लिए हम लोग उनके तहे दिल से आभारी हैं।"