गगन शक्ति: पाकिस्तान के बाद अब चीन को अपनी ताकत दिखाएगी भारतीय वायुसेना

Daily news network Posted: 2018-04-17 09:54:30 IST Updated: 2018-04-17 10:11:37 IST
गगन शक्ति: पाकिस्तान के बाद अब चीन को अपनी ताकत दिखाएगी भारतीय वायुसेना
  • वायुसेना ने गगनशक्ति युद्धाभ्यास के दौरान अब अपने फाइटर जेट्स को पूर्वी सीमाओं पर भेजना शुरु कर दिया है।

ईटानगर

वायुसेना ने गगनशक्ति युद्धाभ्यास के दौरान अब अपने फाइटर जेट्स को पूर्वी सीमाओं पर भेजना शुरु कर दिया है। इसके साथ ही वायुसेना लद्दाख से चीन सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में अपनी ताकत बढ़ा रही है। इससे पहले वायुसेना के विमानों ने पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान के जैसलमेर जिले की पोखरण फायरिंग रेंज में लड़ाकू विमानों के अचूक निशाने और धमाके देश की सैन्य ताकत का अहसास कराया।


यह युद्धाभ्यास 22 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान जवानों ने दुश्मन की धरती पर जाकर तबाही मचाने का अभ्यास कर रहे हैं। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि दिन-रात चल रहे युद्धाभ्यास में खतरनाक दस्ते को हवा से दुश्मन के इलाके में उतारने व एयर टू एयर काउंटर अटैक में महारत हासिल करने पर जोर दिया जा रहा है। दो दिन से दुश्मन की धरती पर जाकर कब्जा करने की रणनीति के तहत वायु सैनिक युद्धाभ्यास में जुटे हैं।




आपको बता दें कि भारत दो ओर से विदेशी सीमा पर अपनी सैन्य शक्ति में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। सीमा पर सबसे बुरी स्थिति टू-फ्रंट वार के हालात में बन सकती है, जब सेना को पश्चिमी या फिर पूर्वी सीमा पर भेजना होगा। इसके बावजूद भारतीय वायु सेना की पूरी वार मशीनरी फिलहाल पैन इंडिया एक्सरसाइज 'गगन शक्ति' में लगाई गई है। 




एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'यह 1986-1987 के ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स या 2001-2002 में ऑपरेशन पराक्रम के बाद हुआ सबसे बड़ा अभ्यास है, जब भारत लगभग संसद पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध करने के लिए तैयार हो गया था।' पाकिस्तान और चीन सीमा पर संभावित खतरे से निपटने के लिए कम से कम 42 फाइटर स्क्वाड्रोन्स की जरूरत है, लेकिन अभी खेमे में केवल 31 होने के बाद भी वायु सेना इस एक्सरसाइज की मदद से खुद को तैयार कर रही है। 

बढ़ाई गई सेवाक्षमता 

सीमा पर 1,150 सैनिकों, विमानों, हेलीकॉप्टर और ड्रोन्स के साथ-साथ सैकड़ों एयर-डिफेंस मिसाइल, रेडार, निगरानी के लिए और अन्य इकाइयां उच्च-वोल्टेज अभ्यास के लिए तैनात की गई हैं। यह एक्सरसाइज आर्मी और नौसेना की सक्रिय भागीदारी के साथ हो रही है। भारतीय वायुसेना ने जरूरत पड़ने पर 83% सेवाक्षमता (किसी भी समय विमान की संख्या की संचालन की उपलब्धता) को हासिल करने के लिए व्यवस्थित रूप से काम किया है, वहीं हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और बेस रिपेयर डिपो जैसे रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ शांत समय में 55% से 60% सेवाक्षमता हासिल की गई है।