रेलवे ने दिया आम लोगों को बड़ा तोहफा, जानकर नहीं होगा यकीन

Daily news network Posted: 2018-05-14 09:08:10 IST Updated: 2018-05-14 11:03:07 IST
रेलवे ने दिया आम लोगों को बड़ा तोहफा, जानकर नहीं होगा यकीन
  • ट्रेन से सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है गर्मीयों की छ्ट्टीयों से पहले रेलवे आम लोगों को बड़ा तोहफा देने जा रही है।

ट्रेन से सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है। गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे आम लोगों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। अब अगरतला और कोलकाता के बीच का सफर मात्र 10 घंटो में तय होगा, जल्द शुरू होने जा रही 15.5 किलोमीटर लंबी अखौरा रेल लाइन अगरतला और कोलकाता के बीच रेल सफर को 21 घंटे कम कर देगी। अभी तक इन दो शहरों के बीच रेल के सफर में 31 घंटे लगते हैं, जिसमें ट्रेन 1600 किलोमीटर की दूरी तय करती है। वर्तमान में ट्रेन गुवाहाटी होते हुए कोलकाता जाती है, जबकि नई रेल लाइन चालू होने के बाद ट्रेन बांग्लादेश की राजधानी ढाका होते हुए कोलकाता पहुंचेगी।



570 करोड़ के इस रेल प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर एमएस चौहान के मुताबिक अभी तक कोलकाता तक सीधा रेल संपर्क नहीं था। 15.5किलोमीटर की लाइन रेलवे 5.5 किलोमीटर अपने देश में और 6.5 किलोमीटर बांग्लादेश में लाइन बिछाऐगी। इसका खर्च विदेश मंत्रालय देगा। 


त्रिपुरा समेत मिजोरम के यात्रियों के लिए भी राहत

इस नई रेल लाइन से न केवल त्रिपुरा के लोगों को बल्कि मिजोरम के यात्रियों के लिए सुविधा होगी। हालांकि सफर के दौरान निश्चिंतपुर (भारत) और गंगासागर (बांग्लादेश) में यात्रियों की सुरक्षा जांच होगी।


रेलवे ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा

 

यह रूट कोलकाता और अगरतला के बीच मालवाहक का भी काम करेगा, जिससे सामान एक तिहाई समय में लाया और ले जाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया की अगरतला में ट्रांसपोर्ट यार्ड और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट भी भारत में ही बनने का प्रस्ताव है। इसकी अनुमानित लागत 967.50 करोड़ है।


भारत और बांग्लादेश के बीच फिलहाल चार रेल संपर्क हैं, जिसमें से दो राधिकापुर- बिरल और सिंघाबाद-रोहनपुर रेल मार्ग नेपाली पारगमन यातायात में भी इस्तेमाल होते हैं। 2015 में बांग्लादेश से भारत आने वाले रेल यात्रियों की संख्या 7.5 लाख थी जो 2016 में बढ़ कर 9.33 लाख हो गई। 2017 के शुरुआती छह महीनों में 7 लाख बांग्लादेशियों ने भारत की यात्रा की।


भूटान तक रेल रूट

   

भारतीय रेलवे का नेटवर्क भूटान तक भी पहुंचेगा। अभी तक भूटान के लिए कोई रेल लिंक नहीं है। विदेश मंत्रालय ने रेलवे को पांच जगहों पर अध्ययन करने को कहा है। इस कड़ी में असम के कोकराझार से गेलफु भूटान तक 57.70 किलोमीटर रेल लाइन बिछेगी। इसी तरह असम के पाठशाला से नंगल- भूटान तक 51.5 किलोमीटर लाइन बिछेगी। असम के रंगिया से भूटान के समद्रंपंजकर तक 48.4 किलोमीटर, पश्चिम बंगाल के बानरहाट से भूटान के समत्से, हाशिमपुरा से फुटशोलिंग तक लाइन बिछेगी। पूर्वोत्तर सीमा रेल के महाप्रबंधक संजीव रॉय के अनुसार अध्ययन रिपोर्ट विदेश मंत्रालय को सौंप दिया गया है।