ये है भारत का मायवी नगर, जहां काले जादू की बसती है दुनिया, महाभारत काल से मिले हैं सबूत

Daily news network Posted: 2018-05-12 11:23:39 IST Updated: 2018-05-12 11:23:39 IST
ये है भारत का मायवी नगर, जहां काले जादू की बसती है दुनिया, महाभारत काल से मिले हैं सबूत

गुवाहाटी।

कहा जाता है कि काले जादू की शुरुआत असम से हुई है। यहां का मायोंग गांव काले जादू के लिए जाना जाता है। यहां आपको कई तांत्रिक मिल जाएंगे। यहां कई लोग काले जादू से अपनी बीमारियों को ठीक करवाने के लिए आते हैं। इलाके के कुछ लोग मानते हैं कि मायोंग की मायावी दुनिया महाभारत के किरदार घटोत्कच ने रची थी, जो मायोंग का राजा था।


महाभारत के मुताबिक घटोत्कच भीम का पुत्र था, जिसके पास कई मायावी शक्तियां थीं। ग्रंथों के मुताबिक महाभारत युद्ध के वक्त घटोत्कच ने अपनी शक्तियों के दम पर बेहद विशाल रुप घारण कर लिया था और उसकी शक्तियां कौरवों की सेना पर कहर बनकर टूटी थीं। खास बात यह है कि इस गांव में एक जगह ऐसी भी है, जहां तांत्रिक साधना करते हैं। इस जगह को बूढ़ा मायोंग कहा जाता है। यहां अक्सर सन्नाटा पसरा रहता है। कहा यह भी जाता है कि यहां सौ साल में एक बार नरबलि दी जाती है। 


इस गांव से थोड़ा आगे पहाड़ों पर भगवान की प्रतिमाएं हैं, जिसमें कुछ प्रतिमाएं भगवान गणेश की है। वहीं भगवान शिव और पार्वती की प्रतिमाएं भी यहां मौजूद हैं। इस जगह एक कुंड है। इस कुंड में तांत्रिक साधना किया करते थे, जिसके पास कुछ अजीबोगरीब मंत्र लिखे हुए हैं और दावा किया जाता है कि मंत्रों की शक्ति की बदौलत ही इस कुंड में पानी हमेशा मौजूद रहता है, जो गर्मी के मौसम में भी नहीं सूखता।


काले जादू पर रिसर्च करने वाले लूकेन्द्र हजारिका का कहना है कि मायोंग में काले-जादू की परम्परा से जुड़े कई सबूत आज भी मौजूद हैं, जिन्हें मायोंग के एक म्यूजियम में रखा गया है। म्यूजियम में महाभारत काल की कुछ पाण्डुलिपियां मौजूद हैं। संस्कृत में लिखी गईं इन पाण्डुलिपियों से साफ  होता है कि मायोंग की मायावी दुनिया करीब 5000 साल से कायम है।