मिजोरम में 114 आतंकवादियों ने किया आत्मसमर्पण

Daily news network Posted: 2018-04-16 13:20:08 IST Updated: 2018-04-16 13:57:06 IST
मिजोरम में 114 आतंकवादियों ने किया आत्मसमर्पण
  • मिजोरम सरकार के द्वारा दो अप्रैल को किए गए शांति समझौते के तहत शुक्रवार को सौ से ज्यादा हमर पीपुल्स कांवेंशन (डेमोक्रेटिक) के विद्रोहियों ने आत्मसमर्पण कर दिया,

आर्इजोल।

मिजोरम सरकार की ओर से बीते 2 अप्रैल को किए गए शांति समझौते के तहत शुक्रवार को सौ से ज्यादा हमर पीपुल्स कांवेंशन (डेमोक्रेटिक) के विद्रोहियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान उग्रवादियों ने बड़ी मात्रा में गोला-बारूद आैर आैजार जमा कराए।


आत्मसमर्पण समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एचपीसी-डी के साथ समझौता करने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि आत्मसमपर्ण कर चुके चरमपंथी अब अपने परिवार वालों आैर दोस्तों कें साथ सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्विपक्षीय समझौते में निर्धारित सभी प्रावधानों को सफलता पूर्वक क्रियान्वन सुनिश्चित करेगी ।



 

मुख्यमंत्री के अलावा राज्य गृह मंत्री आर लालर्जिलिआना ने घर वापसी समारोह में कहा कि मिजोरम पिछले तीस सालों से अपनी आजादी को सेलीब्रेट कर रहा है, लेकिन हमर भार्इ एक भय में अपना जीवन जी रहे थे। अब वह डर मनोवैज्ञानिक तौर पर समाप्त हो गया है। इसके साथ उन्होंने कहा कि प्रदेश की शांति भंग करने के लिए हथियार लेने वाले लोगों पर सरकार दया नहीं दिखाएंगी।

 

बता दें कि कार्यक्रम राजधानी आर्इजोल से 39 किमी दूर सेंसांग गांव में मिजोरम गृह रक्षा मुख्यालय के केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित किया गया, जिसमें 114 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसपर्ण के दौरान चरमपंथियों ने 44 बंदूक, नौ एके सीरीज रायफल्स आैर दो कार्बाइड जमा करवाए। इसके साथ ही लगभग 3,000 गोला बारूद और पांच रेडियो सेट भी पुलिस को सौंपे।



 

गौरतलब है कि मिजोरम सरकार आैर हमर पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) ने तीन दशक से चल रहे हिंसक संघर्ष को समाप्त करने के लिए दो अप्रैल को शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया था। समझौते के मुताबिक सरकार एचपीसी-डी के उन सदस्यों को माफ कर देगी, जिनके खिलाफ लंबे समय से आपराधिक मामले दर्ज हैं।




एचपीसीडी के शीर्ष नेता को बुधवार को जेल से रिहा किया गया, जिन्हें  28 मार्च 2015 को मिजोरम विधानसभा टीम पर हमला करने वाले समूह का नेतृत्व करने के लिए मणिपुर-असम रायफल्स ने गिरफ्तार किया था। इस हमले में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हुर्इ थी आैर छह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लालबियाकजामा ने बताया कि सरकार आत्मसमर्पण कर चुके एचपीसी-डी के इन कैडरों के पुर्नवास के लिए कदम उठाएगी। इसके साथ ही एचपीसीडी के प्रवक्ता ने कहा कि शांति समझौते पर हस्ताक्षर न केवल हमर जनजाति बल्कि मिजो के लिए भी मील का पत्थर है।

 



यह संगठन लंबे समय से  मिजाेरम में संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत, दक्षिणी मणिपुर, उत्तरी मिजोरम और दक्षिणी असम से बने एक स्वायत्त जिला परिषद की मांग कर रहा था। वहीं मिजोरम सरकार उनकी मांगों को खारिज कर रही थी, जिसे लेकर 1989 के बाद से राज्य में हिंसक घटनाएं होती ही रहती थी।




दो अप्रैल को हुए इस समझौते का राज्य के सेवानिवृत्त राज्यपाल जनरल निर्भय शर्मा ने शांति लाने के रूप में मील का पत्थर कहा था आैर समझाैते का स्वागत किया था। 1986 के ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद मिजाेरम ने फिर से यह दिखाया कि राजनीतिक रूप से परेशान आैर चिड़चिड़ी स्थति में शांति ही एक मात्र रास्ता है। बता दें कि 1986 के ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद मिजो नेशनल फ्रंट संस्थापक लालडेंगा के नेतृत्व में मुख्यधारा में शामिल हुआ था।