मोदी सरकार ने त्रिपुरा में खोला विकास का पिटारा, 8 हजार करोड़ देना का किया वादा

Daily news network Posted: 2018-04-21 08:48:00 IST Updated: 2018-04-21 10:42:27 IST
मोदी सरकार ने त्रिपुरा में खोला विकास का पिटारा, 8 हजार करोड़ देना का किया वादा
  • त्रिपुरा में माकपा सरकार का अंत करने के बाद सत्ता में आई भाजपा ने एक महीने के अंदर ही राज्य में विकास के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।

अगरतला

त्रिपुरा में माकपा सरकार का अंत करने के बाद सत्ता में आई भाजपा ने एक महीने के अंदर ही राज्य में विकास के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। शिक्षा, सड़क, नौकरी से लेकर पर्यटन तक कई मोर्चों पर सरकार ने काम शुरू कर दिया है। इन सभी परियोजनाओं पर आने वाला करीब आठ हजार करोड़ रुपये खर्च केंद्र सरकार देगी।


त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने शुक्रवार को बताया कि जब वे जीत के बाद पहली बार केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने गए तो बधाई के साथ उन्हें बीएसएफ  की दो नई बटालियन बनाने का अनुमति पत्र भी मिला। यानी 2100 स्थानीय लोगों को नौकरी। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से त्रिपुरा में न तो विकास हो रहा था और न ही लोगों को नौकरी मिल रही थी।

राज्य में हो रहा है चौतरफा विकास


आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन बीपीओ लगाने के आदेश दे दिए हैं। टीसीएस से बात हो रही है। राज्य में दो प्लास्टिक पार्क केमिकल और पेट्रोलियम कॉम्पलेक्स बनाने की अनुमति मिल गई है। छह नेशनल हाइवे को मंजूरी मिल गई है। एक माह में  सार्वजनिक वितरण प्रणाली का 96 फीसदी भाग डिजिटलीकरण कर दिया है। त्रिपुरा को दुबई की तरह एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र बनाने की योजना पर काम हो रहा है।


एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वामपंथी विचारधारा के अनुसार चल रहे सिलेबस के कारण त्रिपुरा के बच्चे न तो आईआईटी में चुने जाते थे न ही सिविल सर्विस में और यहीं कारण है कि,सरकार बनते ही भाजपा ने सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य कर दी हैं।


सातवां वेतन आयोग 

राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही प्रदेश के डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए कमेटी बना दी। यह कमेटी 45 दिन में अपनी रिपोर्ट दे देगी। अब तक राज्य में चौथे वित्त आयोग के मुताबिक ही वेतन दिया जा रहा था।