डोकलाम विवाद के बाद चीन जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, शी जिनपिंग के साथ करेंगे शिखर बैठक

Daily news network Posted: 2018-04-23 16:48:58 IST Updated: 2018-04-23 16:48:58 IST
डोकलाम विवाद के बाद चीन जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, शी जिनपिंग के साथ करेंगे शिखर बैठक
  • डोकलाम विवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अप्रैल को चीन की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे

नई दिल्ली।

डोकलाम विवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अप्रैल को चीन की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे, जहां वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक बैठक करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने Twitter पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 और 28 अप्रैल को चीन की यात्रा पर रहेंगे। वह वुहान शहर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक बैठक करेंगे। बता दें कि डोकलाम में भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछले 73 दिनों के स्टैंडऑफ  के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों की यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है। डोकलाम के दौरान कूटनीतिक स्तर पर दोनों देशों के बीच काफी तनातनी रही थी।

वहीं कुमार ने एक अन्य tweet में कहा कि इससे पहले शनिवार को चीन की यात्रा पर गईं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ मुलाकात की और दोनों देशों के क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परस्पर हितों तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। स्वराज की चीन यात्रा विदेश मंत्रियों के शंघाई सहयोग संगठन की बैठक का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्वराज चीन से मंगोलिया के लिए रवाना होंगी। 


मोदी और शी की मुलाकात का औपचारिक ऐलान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके चीनी समकक्ष वांग यी की मुलाकात के बाद किया गया। माना जा रहा है कि चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय संवादों को लेकर नए सिरे से शुरुआत हो सकती है। वांग की तरफ  से जारी बयान में इस मुलाकात को दोनों राष्ट्रों के बीच नई शुरुआत का नाम दिया गया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक व्यापार प्रणाली की महत्ता का भी जिक्र किया। माना जा रहा है कि यह अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नीतियों के संदर्भ में कहा गया क्योंकि चीन खुले तौर पर वैश्विक व्यापार प्रणाली के उल्लंघन का आरोप अमरीका पर लगा चुका है। बहुत संभव है कि इस वजह से भारत और चीन के बीच एक नई वैश्विक शुरुआत हो सकती है। 



रिश्तों को बातचीत से मिलेगी मजबूती

वहीं भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने भी इस बात की आशा जताई कि इस सप्ताह चीन के वुहान शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच होने वाले अनौपचारिक शिखर सम्मेलन से दोनों नेताओं का तालमेल और बेहतर होगा और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलेगी। लुओ ने एक वीडियो संदेश में कहा कि इस सम्मेलन से दोनों की व्यक्तिगत मित्रता उभरकर सामने आएगी और दोनों नेताओं का तालमेल बेहतर होगा। मेरा मानना है कि दोनों नेताओं के मार्गदर्शन और आपके एवं मेरे सहित चीनी और भारतीय लोगों के संयुक्त प्रयास से चीन-भारत संबंधों के नये अध्याय की शुरुआत होगी।



सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी की यह चौथी चीन यात्रा

वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी की यह चौथी चीन यात्रा होगी। वह 9 और 10 जून को क्विंगदाओ शहर में होने जा रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भी चीन आने वाले हैं। मोदी और शी की शिखर बैठक से पहले दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संवाद की श्रृंखला संपन्न हो चुकी है। इसकी शुरूआत पिछले साल दिसंबर में चीनी विदेश मंत्री वांग की भारत यात्रा से हुई थी। डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों देशों के बीच यह पहला उच्च स्तरीय संवाद था।



डोभाल ने की थी अपने चीनी समकक्ष के साथ मुलाकात 

इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और उनके चीनी समकक्ष यांग जिशी के बीच मुलाकात हुई। इस साल के शुरू में विदेश सचिव विजय गोखले भी बीजिंग गए थे। दोनों देशों के बीच 11 वें संयुक्त आर्थिक समूह की बैठक हो चुकी है। हाल ही में उनके बीच पांचवीं रणनीतिक आर्थिक वार्ता भी हुई। दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच भी बैठक हुई।



भारत के साथ सीमा वार्ता के लिए वांग यी होंगे चीन के नए विशेष प्रतिनिधि

चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत चीन सीमा वार्ता के लिए नए विशेष प्रतिनिधि होंगे। वांग ने अपने वरिष्ठ सहकर्मी यांग जाइची की जगह ली है, जो अब कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ  चीन (सीपीसी) के पोलितब्यूरो सदस्य बन गए हैं। बता दें कि 64 वर्षीय वांग 64 की नियुक्ति की पुष्टि रविवार को उस वक्त हुई जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उन्हें भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। वांग ने सुषमा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। वांग यी हाल के वर्षों में ऐसे पहले चीनी अधिकारी हैं जो स्टेट काउंसेलर और विदेश मंत्री दोनों के पद पर हैं। स्टेट काउंसेलर भारत-चीन सीमा वार्मा के विशेष प्रतिनिधि के तौर पर नामित हैं। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भारत के विशेष प्रतिनिधि हैं।



चीन और भारत की दोस्ती में हिंदी का बहुत बड़ा हाथ

वहीं चीन के चार दिवसीय दौरे पर गईं भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत और चीन की दोस्ती मजबूत करने में चीन के उन विद्यार्थियों का बहुत बड़ा हाथ है जो हिंदी भाषा से प्यार करते हैं। सुषमा स्वराज ने ये बात बीजिंग में आयोजित भारत चीन की दोस्ती में हिंदी का योगदान कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान कही। इस कार्यक्रम में सुषमा स्वराज ने कहा कि दो देशों के विदेश मंत्री भी मिलकर भारत और चीन की दोस्ती को इतना मजबूत नहीं कर सकते जितना चीन के वो विद्यार्थी करते हैं, जिन्हें हिंदी से प्यार है। चीन में भारतीय सिनेमा की लोकप्रियता पर बात करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा भारतीय सिनेमा भी चीन में काफी फेमस है। उन्होंने कहा कि कल (रविवार) मैं चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बात कर रही थी, तब उन्होंने बताया कि दंगल, सीक्रेट सुपरस्टार और हिंदी मीडियम जैसी फिल्में यहा काफी फेमस हैं।