कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का फरमान, मचा हड़कंप

Daily news network Posted: 2018-03-13 17:52:09 IST Updated: 2018-03-13 18:30:33 IST
कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का फरमान, मचा हड़कंप
  • नागालैंड में सरकार की ओर से जारी एक फरमान से हड़कंप मच गया है। सरकार ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी किया।

नागालैंड में सरकार की ओर से जारी एक फरमान से हड़कंप मच गया है। सरकार ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें सरकारी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटे जाने की बात कही गई है। इस फरमान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इससे न केवल कर्मचारी बल्कि आम लोग भी चिंतित हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 12 मार्च को कमिश्नर दफ्तर की ओर से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि सभी कर्मचारियों को चीफ सेक्रेटरी वेलफेयर फंड में एक दिन का वेतन जमा कराना है। 

पत्र सभी संबंधित उपायक्तों, अतिरिक्त उपायुक्तों, उपखंड अधिकारियों और सभी जिलों के बॉर्डर मजिस्ट्रेट को संबोधित करते हुए लिखा गया है। पत्र में लिखा गया है,मुझे यह जानकारी देने के लिए निर्देशित किया गया है कि सरकार ने सभी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का फैसला लिया है। यह वेतन स्वैच्छिक आधार पर चीफ सेक्रेटरी वेलफेयर फंड में जमा कराया जाएगा। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जो कर्मचारी चीफ सेक्रेटरी वेलफेयर फंड में योगदान देने के इच्छुक नहीं है उन्हें यह लिखित में देना होगा। आपको बता दें कि हाल ही में एनआईएन सरकारी अधिकारियों से टैक्स कलेक्शन और कथित फिरौती वसूलने के मामले में नागालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री टी.आर.जेलियांग को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया था। 

विधानसभा चुनाव के बाद नागालैंड में भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन की सरकार बनी है। पिछले 15 साल से नगा पीपुल्स फ्रंट(एनपीएफ) के शासन का अंत हुआ। इसके बाद लोगों को राज्य में बदलाव की उम्मीद थी लेकिन सरकार की ओर से जारी ताजा नोटिफिकेशनलोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। कुछ लोगों ने चीफ सेक्रेटरी वेलफेयर फंड में योगदान को लेकर स्पष्टीकरण की मग की है। लोगों का कहना है कि योगदान एच्छिक होना चाहिए न कि अनिवार्य लेकिन ऐसा लग रहा है कि सरकार ने वेतन कटौती को अनिवार्य कर दिया है। आपको बता दें कि नागालैंड में सरकारी कर्मचारियों की वेतन कटौती हमेशा विवादित मसला रहा है।