'त्रिपुरा में भाजपा का असल चेहरा आया जनता के सामने'

Daily news network Posted: 2018-03-11 08:37:33 IST Updated: 2018-03-11 08:44:07 IST
'त्रिपुरा में भाजपा का असल चेहरा आया जनता के सामने'
  • त्रिपुरा में फैली हिंसा की गूंज ना सिर्फ राज्य में बल्कि देश के कई राज्यों में सुनाई दे रही है, भागलपुर के ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों ने शुक्रवार को स्टेशन चौक पर प्रतिवाद प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया।

अगरतला

त्रिपुरा में फैली हिंसा की गूंज ना सिर्फ राज्य में बल्कि देश के कई राज्यों में सुनाई दे रही है। भागलपुर के ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों ने स्टेशन चौक पर प्रतिवाद प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। सदस्यों ने त्रिपुरा में पेरियार, अंबेडकर, गांधी और लेनिन की प्रतिमा के अपमान को लेकर भाजपा और संघ के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान नुक्कड़ सभा का भी आयोजन हुआ।


न्याय मंच जनसंसद के रामानंद पासवान ने कहा कि पेरियर, अंबेडकर, गांधी व लेनिन ने शोषण, उत्पीड़न और गैर बराबरी के खिलाफ संघर्ष किया था। ये प्रकाश स्तंभ थे। जनता के बीच नायक की छवि थी। इन नायकों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


सभा के दौरान अर्जुन शर्मा, रिजवान खान ने कहा कि भाजपाईयों ने लेनिन व पेरियार की प्रतिमा पर हमला किया। इसके बाद अंबेडकर व गांधी की प्रतिमा का अपमान हुआ। भाजपाईयों का चरित्र त्रिपुरा में बेनकाब हुआ है। जीत के बाद आतंक का राज कायम हो गया । इस मौके पर विजय पासवान, सहेंद्र प्रसाद साह, देवेंद्र प्रसाद, रंजीत रंजक, अनंत, नंद किशोर, लक्ष्मण, प्रिंस, पिंटू, रमण, संजीव, शुभम, राजीव, रूपेश समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।

गौरतलब है कि त्रिपुरा में बीजेपी गठबंधन की जीत आैर माकपा की हार के बाद कई जगह सीपीएम के दफ्तरों को निशाना बनाया गया था। इस बीच वामपंथी विचारक व्लादिमीर लेनिन की दो मूर्तियों को भी गिरा दिया गया। इसे लेकर वामपंथी दलों ने बीजेपी व आईपीएफटी पर हिंसक और लोकतंत्र विरोधी कार्रवाई करने का आरोप लगाया।


बता दें कि त्रिपुरा के बेलोनिया टाउन में कॉलेज स्क्वेयर पर लगी लेनिन प्रतिमा को भी बुलडोजर की मदद से गिरा दिया गया था। त्रिपुरा में भाजपा सरकार बनने के बाद हुर्इ इन घटनाआें से वामपंथी दलों ने नाराजगी जतार्इ आैर ये आरोप है लगाया था कि भाजपा राज्य में भय फैला रही है। इसके अलावा बिहार में बीजेपी के सहयोगी दल जेडीयू के सांसद हरिवंश ने त्रिपुरा में हुई इस घटना की निंदा की थी।