पीयू अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का निर्वाचन रद्द, ईटानगर आैर पटना में एक साथ लिया था दाखिला

Daily news network Posted: 2018-03-14 11:43:17 IST Updated: 2018-03-14 14:46:14 IST
पीयू अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का निर्वाचन रद्द, ईटानगर आैर पटना में एक साथ लिया था  दाखिला
  • पटना विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज और उपाध्यक्ष योशिता पटवर्धन का निर्वाचन मंगलवार को रद्द कर दिया गया।

नर्इ दिल्ली।

पटना विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज और उपाध्यक्ष योशिता पटवर्धन का निर्वाचन मंगलवार को रद्द कर दिया गया। तो वहीं संयुक्त सचिव मो. असजद आजाद चांद को क्लीन चिट मिल गई है। विवि प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया है। इस तरह छात्र संघ पदाधिकारियों को लेकर 21 दिनों से चल रही कशमकश की स्थिति खत्म हो गई। इस वजह से निर्वाचित पदाधिकारियों को सर्टिफिकेट नहीं दिए जा रहे थे। कुलपति सह मुख्य चुनाव संरक्षक प्रो. रासबिहारी प्रसाद सिंह ने दोपहर बाद इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया।


बता दें कि दिव्यांशु ने एक ही साथ साल (2014-17) में हिमालयन विवि (ईटानगर) और बीएन कॉलेज (पीयू) में स्नातक में दाखिला लिया था। जो यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। इस कारण से उनका निर्वाचन रद्द किया जाता है। तो वहीं इस मामले में मगध महिला कॉलेज की छात्र योशिता ने बताया कि उन्होंने खुद के एकेडमिक एरियर होने की बात छुपाई। संयुक्तसचिव के पद पर जीते आजाद चांद के खिलाफ शिकायत गलत पाई गई। उनके खिलाफ दिए गए आवेदन में शिकायतकर्ता का दस्तखत भी सही नहीं था। दिव्यांशु एबीवीपी से विद्रोह कर निर्दलीय चुनाव लड़े थे, जबकि योशिता एबीवीपी कार्यकर्ता हैं। आजाद छात्र जनअधिकार परिषद से जुड़ी हैं।



गौरतलब है कि पीयू छात्र संघ चुनाव परिनियम के मुताबिक वर्तमान एकेडमिक सेशन में प्रमोटेड, किसी विषय में फेल या एकेडमिक एरियर बकाया वाले विद्यार्थी चुनाव नहीं लड़ सकते। पर्चा दाखिल करने के समय इसके लिए उम्मीदवार को घोषणा पत्र देना होता है। वहीं संबंधित कॉलेज या विभाग को भी बताना होता है कि चुनाव लड़ रहे विद्यार्थी का एकेडमिक एरियर बकाया नहीं है।



दिव्यांशु का एडमिशन रद्द होगा


विवि प्रशासन दिव्यांशु भारद्वाज का स्नातकोत्तर में नामांकन रद्द करने की भी प्रक्रिया शुरू करेगा क्योंकि उन्होंने यूजीसी के नियमों का उल्लंघन किया है। उन्हें नोटिस दिया जाएगा। हिमालयन विवि से भी पूछा जाएगा कि जब बीएन कॉलेज ने दिव्यांशु को 2016 में सीएलसी दिया तो उन्होंने 2014 में कैसे वहां स्नातक में प्रवेश ले लिया। इसके अलावा दिव्यांशु पर फर्जीवाड़े के लिए भी नोटिस होगा। अभी दिव्यांशु पटना विवि के राजनीति के छात्र हैं। उन्होंने हिमालयन विवि की डिग्री के आधार पर नामांकन लिया था।


सेंट्रल पैनल के लिए निर्वाचित तीन पदाधिकारियों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। जांच के लिए समिति गठित की गई, जिसने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को गलत पाया। मैंने चीफ पैट्रन होने के अधिकारों का उपयोग कर मामले की जांच कराई। चुनाव से डेढ़ माह तक इस अधिकार का उपयोग किया जा सकता है।