गुजरात में मणिपुर के छात्रों के साथ नस्लीय भेदभाव, राजस्थान के छात्रों ने पीटा

Daily news network Posted: 2018-03-14 16:30:44 IST Updated: 2018-03-14 16:30:44 IST
गुजरात में मणिपुर के छात्रों के साथ नस्लीय भेदभाव, राजस्थान के छात्रों ने पीटा
  • पूर्वोत्तर के लोगों के साथ नस्लीय भेदभाव की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला गुजरात का है, जहां पूर्वोत्तर के छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट की गई।

गुवाहाटी/बड़ौदा।

पूर्वोत्तर के लोगों के साथ नस्लीय भेदभाव की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला गुजरात का है, जहां पूर्वोत्तर के छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट की गई। घटना वडोदरा की एम.एस.यूनिवर्सिटी की है। मणिपुर के छात्रों का आरोप है कि कैंपस में नस्लीय भेदभाव किया जा रहा है और ये जल्द खत्म होना चाहिए।


इससे पहले  एम.एस.यूनिवर्सिटी के मनुभाई मेहता हॉल में मणिपुर और राजस्थान के छात्रों के बीच कई बार भिड़ंत हो चुकी है। मणिपुर के छात्रों का आरोप है कि एम.एम.हॉल का वार्डन भी नस्लीय भेदभाव में शामिल है। 1 मार्च को जब पहली बार राजस्थान के छात्रों के साथ संघर्ष हुआ था तब से वे बहुत दबाव में रह रहे हैं। पूर्वोत्तर के छात्रों के मुताबिक यह सब उस वक्त शुरु हुआ जब राजस्थान के कुछ छात्रों ने उन्हें गालियां दी और उन्हें चिंकी कहा।



इस पर पूर्वोत्तर के छात्र-छात्राओं की राजस्थानी छात्रों से बहस हो गई। इसके बाद राजस्थान के छात्रों ने पूर्वोत्तर के छात्र-छात्राओं पर कथित रूप से हॉकी स्टिक्स और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो हॉस्टल वार्डन ने राजस्थानी छात्रों की मदद की। वार्डन ने मारपीट करने वाले छात्रों को भगा दिया और उन्हें अपने घर में शरण दी। इसके बाद वार्डन ने मणिपुरी छात्रों को कमरे बंद कर दिए जबकि राजस्थान के छात्रों को खुले घूमने की छूट दे दी।


पुलिस भी सिर्फ मणिपुर के छात्रों के पीछे पड़ी है। वह मणिपुर के छात्रों को पकडऩे के लिए सभी हॉस्टलों को खंगाल रही है। मणिपुर के  जो छात्र राजस्थान के छात्रों से हुए संघर्ष में शामिल नहीं थे उन्हें भी प्रताडि़त किया जा रहा है। पूर्वोत्तर के छात्र मामले की सही जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। एमएस यूनिवर्सिटी ने 9 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है जो पूरे मामले की जांच करेगा और 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगा।