सत्ता में आते ही बीजेपी का कारनामा, सबसे खतरनाक उग्रवादी समूह ने कह दी ऐसी बात

Daily news network Posted: 2018-05-13 14:21:35 IST Updated: 2018-05-13 16:34:23 IST
सत्ता में आते ही बीजेपी का कारनामा, सबसे खतरनाक उग्रवादी समूह ने कह दी ऐसी बात

शिलोंग।

मेघालय के गृहमंत्री जेम्स संगमा ने विद्रोहियों के साथ बातचीत करने का मार्ग खुला रखने वाले व्यक्तत्व के बाद मेघालय के खासी विद्रोही संगठन हिनव्यूटेप नेशनल बिलरेशन काउंसिल (एचएनएलसी) ने कहा कि संगठन एक शांति वार्ता के लिए तैयार है। 




शांति वार्ता पर सरकार के रुख को सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए एचएनएलसी के प्रचार सचिव सैनकुपर नौंगत्रो ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता हिंसा का मार्ग छोडऩा चाहते हैं, लेकिन यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं माना जाता है तो हम शांति वार्ता के लिए नहीं आएंगे। नौंगत्रो ने कहा कि उन्होंने देखा कि दोनों पक्षों के मतों को गंभीरता से लेना पड़ेगा तभी शांति वार्ता का कोई मतलब निकलेगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के हालिया बयानों के जरिए से संगठन इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि तत्कालीन राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा द्वारा किए गए पिछले वादे एचएनएलसी को शांति वार्ता में लाने के लिए काफी नहीं थे। 






हालांकि नौंगत्रो ने कहा कि सरकार के निमंत्रण ने उनके दिमाग में संदेह उठाए हैं। उसने कहा कि हमें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया है और केवल समर्पण के बाद ही सरकार बात करेगी। जबकि हम अतीत के कड़वे अनुभवों को देखते हुए सरकार पर भरोसा कैसे कर सकते हैं। पिछले चार साल में हमें सिर्फ गुमराह किया गया है। अब हम जोखिम नहीं उठा सकते हैं। हमारी विचारधारा का क्या होगा, जिसके लिए हम दशकों से लड़ रहे हैं। एनएनएलसी ने गृहमंत्री से खासी और जयंतिया कैबिनेट मंत्रियों के साथ गैर सरकारी संगठनों, दवाब समूहों, चर्च के नेताओं और विभिन्न समर्थकों से परामर्श लेने के लिए कहा है।