त्रिपुराः BJP सरकार में चकमा सबसे युवा मंत्री, उम्र महज 32 साल

Daily news network Posted: 2018-03-09 18:23:59 IST Updated: 2018-03-09 18:53:00 IST
त्रिपुराः BJP सरकार में चकमा सबसे युवा मंत्री, उम्र महज 32 साल
  • त्रिपुरा में पहली बार भाजपा सरकार का आगाज हुआ। राज्य के पदेशाध्यक्ष बिप्लब कुमार देव ने मुख्यमंत्री पद की आैर जिष्णु कुमार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

अगरतला।

त्रिपुरा में पहली बार भाजपा सरकार का आगाज हुआ। राज्य के पदेशाध्यक्ष बिप्लब कुमार देव ने मुख्यमंत्री पद की आैर जिष्णु कुमार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसी के साथ नौ आैर विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। एकमात्र महिला एवं सबसे युवा चेहरे के रूप में संतना चकमा ने आज इतिहास रचा, जब उन्होंने भाजपा की अगुवार्इ वाली सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। संतना आदिवासी चकमा समुदाय है आैर पहली आदिवासी महिला है जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है। संतना पेशे से क समाज सेविका है। 2015 में मास्टर्स करने के बाद 32 साल की संतना ने भाजपा ज्वाइन किया था। संतना चकमा के अलावा शंभू लाल चकमा भी आदिवासी समुदाय है आैर शंभू लाल ने भी इस विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट से चुनाव जीता है।


 

संतना ने भाजपा की टिकट से चुनाव लड़ा। उन्होंने पेंचारथल से दो बार माकपा के विधायक रह चुके अनिल चकमा को 1373 मतों से हरा कर इतिहास रचा। इस बार के चुनाव में संतना को कुल 17743 वोट मिले तो वहीं माकपा उम्मीदवार अनिल चकमा को महज 16370 वोट मिले। पेंचारथल सीट पर हमेशा से सीपीएम का गढ़ रही है। अभी तक हुए विधानसभा चुनावों में माकपा ने इस सीट पर छह बार जीत दर्ज की है।माकपा इस सीट पर लगातार पांच बार से जीतती आ रही  थी। इस बार के विधानसभा चुनाव में संतना चकमा ने माकपा के इस रिकार्ड को तोड़कर भाजपा के खाते में जीत दर्ज की।


बता दें कि 1977 में पहली बार सीपीएम के मोहन लाल चकमा ने सुशील कुमार चकमा को 2011 वोटों से हरा कर इस सीट से खाता खोला था और सीपीएम सत्ता पर काबिज हुई थी।जिसके बाद 1983 में निर्दलीय महिला उम्मीदवार रत्ना परावा दास ने सीपीएम के उम्मीदवार मोहन लाल चकमा को मात्र 343 वोट से हराकर जीत दर्ज की थी। 1988 इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार सुशील कुमार चकमा ने अपना कब्ज़ा जमाया और सीपीएम के उम्मीदवार मालेन्दं चकमा को 1821 वोटों से हराया।

1993 इस सीट पर माकपा ने अनिल चकमा पर अपना सिक्का आजमाया।अनिल चकमा ने कांग्रेस के उम्मीदवार सुशील कुमार चकमा को 3880 मतों से हराकर लाल झंडा बुलंद किया। इसके बाद से सीपीएम ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 1993-2013 तक सत्ता पर जमी रही। जिसमें 2003 में पैचारथल सीट की गद्दी को सीपीएम के विजेता उम्मीदवार अरुण कुमार चकमा ने संभाला और कांग्रेस की महिला उम्मीदवार निरुपमा चकमा को 2073 के बड़े अंतर से हराया था। तब से लेकर 2013 तक इस सीट सीपीएम के उम्मीदवार अरुण कुमार चकमा का ही राज है लेकिन इस बार एक बार फिर से सीपीएम ने अपने पुराने खिलाडी अनिल चकमा पर भरोसा जताया है और 2018 में उन्हें पेंचारथल सीट पर टिकट दिया है।

इसके साथ ही पैचारथल सीट पर बीजेपी ने संताना चकमा को उतारा है, तो वहीं कांग्रेस ने महिला उम्मीदवार नंदिनी चकमा को टिकट दिया है इसके साथ ही आईएनपीटी ने डेनियल संगमा को और त्रिपुरालैंड स्टेट पार्टी ने कृपामोहन रिआंग को उतरा है इसके साथ ही अमरा बंगाली पार्टी ने कर्णधन चकमा को टिकट दिया है।