मणिपुर के बाद कर्नाटक में कांग्रेस की जालसाझी, राज्यपाल को सौंपी फर्जी हस्ताक्षर वाली लिस्ट!

Daily news network Posted: 2018-05-18 12:26:07 IST Updated: 2018-05-18 12:28:09 IST
मणिपुर के बाद कर्नाटक में कांग्रेस की जालसाझी, राज्यपाल को सौंपी फर्जी हस्ताक्षर वाली लिस्ट!
  • कर्नाटक में छिड़ी कुर्सी की राजनीति के बीच भाजपा आैर कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप को दौर जारी है। इसी बीच भाजपा ने आरोप लगाया है

नर्इ दिल्ली।

कर्नाटक में छिड़ी कुर्सी की राजनीति के बीच भाजपा आैर कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप को दौर जारी है। इसी बीच भाजपा ने आरोप लगाया है कि सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए कांग्रेस ने राज्यपाल वजुभाई वाला को जो लिस्ट सौंपी है उस पर फर्जी हस्ताक्षर हैं।


फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार करना नई बात नहीं

दरअसल केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि किसी को भी ये समझ नहीं आ रहा है कि विधायकों के बेंगलुरु पहुंचने और विधायक दल की बैठक में शामिल होने से पहले कांग्रेस ने सभी के हस्ताक्षर कैसे ले लिए? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए फर्जी हस्ताक्षर करना और दस्तावेज तैयार करना कोई नई बात नहीं है।

मणिपुर में भी किया था एेसा

मणिपुर में जब खंडित जनादेश आया था, तब भी कांग्रेस ने मणिपुर पीपुल्स पार्टी के समर्थन का एक फर्जी पत्र सौंपा था। कांग्रेस पार्टी ने इसमें जालसाजी की थी। जावड़ेकर ने कहा कि जैसा मणिपुर में कांग्रेस ने किया वैसा ही कर्नाटक में किया। कांग्रेस अब जालसाजी शब्द की पर्याय बन गई है।



राज्यपाल का किया बचाव

इसके अलावा राज्यपाल वजुभाई का बचाव करते हुए जावड़ेकर ने  राज्यपाल का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने तो बस नियमों का पालन किया, क्योंकि कर्नाटक में कोई पूर्व चुनाव गठबंधन नहीं था। कांग्रेस और जेडीएस चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ थे। बता दें कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल ने भाजपा को राज्य में सरकार बनाने का न्योता दिया, जिसका कांग्रेस-जेडीएस ने विरोध किया है।

चुनाव से पहले प्रतिद्वंदी अब गठबंधन की कोशिश

जावड़ेकर ने कहा कि कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जेडीएस को भाजपा की 'बी' टीम बोलते थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने कहा था कि जेडीएस का अर्थ 'जनता दल संघ परिवार' के अलावा कुछ भी नहीं है। अब वे गठबंधन बनाने की कोशिश में जुटे हैं, ये सिर्फ एक अवसरवादी कदम है।' उन्होंने कहा कि राज्यपाल का सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देना और विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका देना बिल्कुल सही फैसला है।

विधायकों को कैद कर रखा

जावड़ेकर ने कहा कि यह दुखद है कि कांग्रेस ने अपने विधायकों को रिसॉर्ट में कैद कर रखा है। उन्हें अपने परिवार वालों से संपर्क भी साधने से मनाही है और यहां तक कि न्यूज चैनल देखने की भी अनुमति नहीं दी गई है। रायपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टिप्पणी (न्यायपालिका को दबा दिया गया था) का जिक्र करते हुए जावड़ेकर ने उन्हें 1975 में आपातकाल के काले दिनों की याद दिलाई। उन्होंने कहा, 'बसे बड़ी और पुरानी पार्टी ने न केवल न्यायिक व्यवस्था को उलट दिया था, बल्कि प्रेस की आजादी को भी दबा दिया था। अपने पापों की माफी मांगने के बजाय कांग्रेस नेता झूठी धारणा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।