किसानों की कर्जमाफी को लेकर मिजोरम के पूर्व राज्यपाल ने कही ऐसी बात

Daily news network Posted: 2018-04-15 10:42:50 IST Updated: 2018-04-15 10:42:50 IST
किसानों की कर्जमाफी को लेकर मिजोरम के पूर्व राज्यपाल ने कही ऐसी बात
  • मिजोरम के पूर्व राज्यपाल अमोलक रत्न कोहली ने कहा कि किसान कर्ज माफी और सब्सिडी उनके हाथ में बैशाखी देने जैसा है।

मिजोरम के पूर्व राज्यपाल अमोलक रत्न कोहली ने कहा कि किसान कर्ज माफी और सब्सिडी उनके हाथ में बैशाखी देने जैसा है। इससे किसानों के मन में कर्ज लेकर न चुकाने की धारणा को बल मिलता है। साथ ही ईमानदार किसानों को धक्का लगता है। कर्जमाफी की जगह उनकी आय बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।



 उन्होंने कहा कि माफी तो गुनाह करने वालों को दी जाती है। किसानों ने कर्ज लेकर कोई गुनाह तो नहीं किया, जो उन्हें माफी दी जाए। बैंक कर्मचारियों केे लोन देते हुए सख्त हिदायत दे देनी चाहिए कि उन्हें हर हाल में कर्ज चुकाना होगा। उत्तराखंड के विकास को लेकर उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के बाद से हम एक भी हिल स्टेशन यहां नहीं बना पाए, जबकि कम से कम यहां 20 और हिल स्टेशन बनाए जाने की जरूरत है। लंबे समय से उनका नैनीताल आना-जाना है। उन्होंने पहाड़, उत्तराखंड के पर लंबे समय तक शोध किया है। ऐसे में अगर सरकार पहल करे तो वह राज्य विकास की योजनाएं बताने को तैयार हैं। इसके लिए वह कोई पैसा भी नहीं लेंगे।


पूर्व राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में सरकार के पास वन क्षेत्र बहुत बड़े पैमाने पर है। अगर जंगलों का व्यवसायीकरण किया जाए तो राज्य का खजाना भर जाएगा। वनों को प्राइवेट लोगों को शर्तों के साथ दे दिया जाए, जिस पर उनसे फल, सब्जी, फूल, बारिश के लिए लाभकारी पौधे आदि उगाने की अनुमति दी जाए। हालांकि भारत सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही और राज्यों से इस पर राय मांगी गई है। उत्तराखंड सरकार भी इस दिशा में प्रयास कर सकती है। इससे राज्य की आमदनी बढ़ेगी। गाय पालन से भी स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा और पहाड़ों से पलायन रुक जाएगा।



पूर्व राज्यपाल अमोलक रत्न कोहली ने नैनीताल की ट्रैफिक समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यहां जगह की कमी है। ऐसे में मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाई जा सकती है। इसके लिए प्रशासन को मजबूत पहाड़ों को तलाशना होगा ताकि पार्किंग बनने के बाद उसके गिरने का खतरा न हो।