टैक्स चोरी मामले में गिरफ्तार IT आॅफिसर श्वेताभ, काफी पहले से थे CBI के रडार पर

Daily news network Posted: 2018-04-14 17:55:32 IST Updated: 2018-04-14 19:49:10 IST
टैक्स चोरी मामले में गिरफ्तार IT आॅफिसर श्वेताभ, काफी पहले से थे CBI के रडार पर
  • विवादों से घिरे असम के आयकर आॅफिसर श्वेताभ सुमन को सीबीआर्इ ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। श्वेताभ की दून में स्थित कोठी को भी सील कर दिया गया है।

गुवाहाटी।

विवादों से घिरे असम के आयकर आॅफिसर श्वेताभ सुमन को सीबीआर्इ ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। श्वेताभ की देहरादून में स्थित कोठी को भी सील कर दिया गया है। इसके साथ ही सीबीआर्इ की टीम ने शुक्रवार को उनकी राजपुर स्थित कोठी को भी सील कर दिया गया है। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी होने के बावजूद, देहरादून में तैनाती के दौरान आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के तीन मामले दर्ज है। सूत्राें के मुताबिक 2006-07 में उनकी पोस्टिंग के बाद से ही उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।


15 गोपनीय फाइलें चुराने का मुकदमा दर्ज


वर्ष 2004-05 में श्वेताभ सुमन देहरादून आयकर आयुक्त के पद पर तैनात रहे। जनवरी 2005 में उनके खिलाफ डालनवाला थाने में आयकर विभाग के कार्यालय से केस सेटलमेंट की 15 गोपनीय फाइलें चुराने का मुकदमा दर्ज किया गया।


2008 में यह मामला दोबारा खुला


कुछ समय बाद पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थीए लेकिन 2008 में यह मामला तब दोबारा खुल गया जब आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुमन के जमशेदपुर स्थित आवास में छापेमारी करने गई सीबीआई टीम ने वहां से पांच फाइलें भी बरामद कर लीं। इस मामले में पुलिस ने फिर जांच की और चार्जशीट दाखिल की।



2010 में सुमन ने किया था आत्म समर्पण

19 अप्रैल 2010 को सुमन ने सीजेएम अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया जहां से श्वेताभ सुमन को जमानत मिल गई। सुनवाई के बाद निचली अदालत ने मुकदमा खारिज करने के आदेश दिए। फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने सत्र न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। न्यायालय ने याचिका को मंजूरी देते हुए सुमन के खिलाफ 15 फाइलें चुराने का केस चलाने के आदेश दिए थे। सुमन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी चल रहा है।


कोठी में होगी छानबीन

शुक्रवार को सीबीआई की टीम राजपुर रोड स्थित श्वेताभ सुमन की कोठी पर पहुंचीए लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके चलते टीम कोठी की तलाशी नहीं ले सकी। टीम ने कोठी को सील कर दिया है। सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले कुछ दिनों में सुमन के किसी परिजन की मौजूदगी में कोठी की जांच की जाएगी।


सुमन के अलावा इन आधिकारियों पर शिकंजा

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सुमन के अलावा इस कड़ी में सीबीआइ ने आयकर के कुछ अन्य अधिकारियों तथा गुवाहाटी के कुछ चाटर्ड एकाउंटेंटों को भी हिरासत में ले लिया है। पकड़े गये अधिकारियों में आयकर अधिकारी प्रताप दास भी हैं। हिरासत में लिये गये सीए रमेश गोयनका को भी इसी सिलसिले में पकड़ा गया है।


2005 में हुए थे कर्इ मामले दर्ज

2015 में सुमन की पोस्टिंग गुवाहाटी में थी। उसी समय सीबीआई ने सुमन के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। इससे पहले 2005 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम इंडियन पीनल कोड के तहत सुमन के खिलाफ 1 अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2004 के बीच लाखों रुपए की संपत्ति रखने का मामला दर्ज करवाया गया था ।

श्वेताभ ने प्रारंभिक पूछताछ में स्वीकारा है आरोप

 

सीबीआर्इ के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में आयकर अधिकारियों ने व्यापारी को नाजायज लाभ पहुंचाने की बात स्वीकारी है। इन लोगों ने मूल्यांकन से संबंधित एक मामले में सुरेश अग्रवाल की एक फर्जी कंपनी को फायदा पहुंचाया। आरोप है कि इसके एवज में श्वेताभ सुमन को पचास लाख रुपये भी मिले हैं। सीबीआर्इ को इस बात की गुप्त सूचना मिली थी कि सुरेश अग्रवाल की फर्जी कंपनी मेसर्स विन पावर इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड का गुवाहाटी और जोरहाट में अज्ञात कार्यालय है। कंपनी के पास दिल्ली में भी कोई कार्यालय है। इस संबंध में श्वेताभ सुमने ने कंपनी के निदेशक सुरेश अग्रवाल को उनके मन मुताबिक आदेश देकर फायदा पहुंचाया।