CM बिप्लब के बचाव में राज्यपाल ने दिया बड़ा बयान, प्राचीन काल के लोग थे सुपरह्यूमन

Daily news network Posted: 2018-04-21 18:50:33 IST Updated: 2018-04-21 18:50:33 IST
CM बिप्लब के बचाव में राज्यपाल ने दिया बड़ा बयान, प्राचीन काल के लोग थे सुपरह्यूमन
  • त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के बयान का बचाव किया है, जिसमें देब ने दावा किया था कि महाभारत के दिनों में इंटरनेट और अत्याधुनिक उपग्रह संचार प्रणाली मौजूद थी।

त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के बयान का बचाव किया है, जिसमें देब ने दावा किया था कि महाभारत के दिनों में इंटरनेट और अत्याधुनिक उपग्रह संचार प्रणाली मौजूद थी। जिसके बाद उनके इस बयान की कड़ी आलोचना हुई। राज्यपाल उनके बयान का बचाव करते हुए कहा कि प्राचीन काल के लोग अतिमानवीय (सुपरह्यूमन) गुणों से संपन्न थे।


पुराण काल ​​में लोगों के पास 'दिव्य द्रष्टि' थी। उनके पास पुष्पक विमान थे। इसका मतलब यह हुआ कि उनके पास सुपरह्यूमन की तरह सोचने की शक्ति थी। राज्यपाल कोलकाता के प्रेस क्लब में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर लिखी गई एक किताब के विमोचन कार्यक्रम से इतर बोल रहे थे।


उन्होंने कहा कि 1960 के दशक में क्या हम कभी सोच सकते थे कि सेल फोन जैसी चीज भी हो सकती है? असंभव... हम इसकी कल्पना नहीं कर सकते थे। बता दें कि देब ने हाल ही में दावा किया था कि महाभारत के दिनों में इंटरनेट और उपग्रह संचार मौजूद था।


महाभारत के दिनों में इंटरनेट और उपग्रह संचार मौजूद था। देब ने मंगलवार को कहा था कि प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए संजय ने अंधे राजा (राजा धृतराष्ट्र) को कुरुक्षेत्र की लड़ाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी।


इसके अलावा उन्होंने कठुआ कांड और उन्नाव कांड के बारे में कहा कि इन दोनों घटनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कठुआ और उन्नाव में नाबालिगों के साथ हुए बलात्कार के मामले घृणित हैं, लेकिन इस तरह की घटनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।


उन्नाव और कठुआ की बलात्कार की घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए तथागत रॉय ने कहा कि उन्नाव और कठुआ कांड की तरह साल 1984 में हुई सिखों की हत्याओं की निंदा भी लोगों को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्नाव और कठुआ के मामले घृणित और दुखद हैं, लेकिन कठुआ और उन्नाव में हुए बलात्कार मामले से प्रधानमंत्री का क्या लेना-देना है।


यह पहली बार नहीं है, जब तथागत रॉय अपने बयानों से सुर्खियों में हैं। इससे पहले वो पटाखों के शोर की तुलना अजान से करने और पटाखों पर बैन लगाने जैसे बयान देकर विवादों में घिर चुके हैं। इसके अलावा रॉय ने 18 जून की रात श्यामा प्रसाद मुखर्जी की एक डायरी का वो अंश ट्वीट करके विवाद पैदा किया, जिसमें उन्होंने हिंदू-मुस्लिम समस्या के अंत के लिए गृहयुद्ध की बात कही थी।